छत्तीसगढ़ में 50 सुपरवाइजर पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ, वित्त विभाग ने दी मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और महिलाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) के 50 पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। वित्त विभाग ने इन पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इससे एक ओर जहां सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए रोजगार का अवसर खुलेगा, वहीं दूसरी ओर आंगनबाड़ी केंद्रों और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की निगरानी व्यवस्था भी मजबूत होने की उम्मीद है।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर
महिला एवं बाल विकास विभाग में 50 पर्यवेक्षक पदों पर सीधी भर्ती की स्वीकृति को रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, 13 अगस्त 2026 को वित्त विभाग ने 50 पर्यवेक्षक पदों पर सीधी भर्ती के प्रस्ताव को अपनी सहमति प्रदान की।
इसके बाद विभागीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। हालांकि, अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए अभी आधिकारिक भर्ती विज्ञापन का इंतजार करना होगा।
लंबे समय से खाली थे सुपरवाइजर के पद
महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कराने में पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की निगरानी करने के साथ-साथ बच्चों, महिलाओं और किशोरियों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी नजर रखते हैं।
लंबे समय से पर्यवेक्षक के कई पद खाली होने के कारण विभागीय कामकाज और मैदानी स्तर की मॉनिटरिंग पर अतिरिक्त दबाव था। अब 50 नए पदों पर सीधी भर्ती होने से विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आंगनबाड़ी और पोषण योजनाओं की निगरानी होगी मजबूत
पर्यवेक्षकों की नियुक्ति का सीधा असर आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर पड़ सकता है। नए पर्यवेक्षक नियुक्त होने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषण कार्यक्रमों और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की मॉनिटरिंग को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाने और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने में भी पर्यवेक्षकों की भूमिका अहम होगी।
सरकार की ओर से माताओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को भरने का फैसला विभागीय व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों के बाद भर्ती प्रक्रिया में मिली मंजूरी
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों के बाद पर्यवेक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। विभाग की ओर से लंबे समय से खाली पदों को भरने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर अनुमति की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
मंत्री ने इस स्वीकृति को विभाग के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार सुशासन और जनकल्याण की दिशा में काम कर रही है। पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़ने से मैदानी स्तर पर योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी।
13 अगस्त को वित्त विभाग ने दी भर्ती को मंजूरी
जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालनालय की ओर से पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई थी। विभागीय प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया और इसके बाद वित्त विभाग की सहमति प्राप्त हुई।
13 अगस्त 2026 को वित्त विभाग ने 50 पर्यवेक्षक पदों पर सीधी भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब आगे की प्रक्रिया विभागीय नियमों और भर्ती प्रक्रिया के अनुसार पूरी की जाएगी।
आवेदन कब से शुरू होगा?
फिलहाल 50 पर्यवेक्षक पदों पर भर्ती की मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। अभ्यर्थियों के लिए आवेदन की तारीख, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण, परीक्षा पैटर्न, चयन प्रक्रिया और आवेदन की अंतिम तारीख जैसी जानकारी आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
इसलिए भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को महिला एवं बाल विकास विभाग और संबंधित सरकारी भर्ती पोर्टल की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए।
महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के योग्य अभ्यर्थियों के लिए सरकारी सेवा में आने का एक और अवसर खुलेगा। खासतौर पर महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक का पद सीधे तौर पर महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के संचालन और निगरानी से संबंधित है।
50 पदों पर सीधी भर्ती की मंजूरी ऐसे समय में आई है जब बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद पात्र उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे।
क्या है पर्यवेक्षक की भूमिका?
महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक का काम केवल कार्यालय तक सीमित नहीं होता। पर्यवेक्षक मैदानी स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी, विभागीय योजनाओं की समीक्षा और संबंधित कर्मचारियों के कामकाज की मॉनिटरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा बच्चों और महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की स्थिति की जानकारी लेना, पोषण से जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा करना और विभागीय अधिकारियों को रिपोर्ट उपलब्ध कराना भी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल हो सकता है।
भर्ती विज्ञापन का इंतजार, अभी आवेदन शुरू नहीं
50 सुपरवाइजर पदों पर भर्ती की मंजूरी मिलने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आधिकारिक विज्ञापन पर है। फिलहाल आवेदन की तारीख या अंतिम तारीख को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
इसलिए उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारी के बजाय आधिकारिक भर्ती अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए। विज्ञापन जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन 50 पदों के लिए कौन-कौन से अभ्यर्थी पात्र होंगे और चयन किस प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग के 50 पर्यवेक्षक पदों पर सीधी भर्ती को वित्त विभाग की मंजूरी मिलना सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही पदों की पात्रता, आवेदन तिथि और चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी सामने आने की उम्मीद है।



