छूटे और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने चलेगा विशेष अभियान, BLO घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन; फॉर्म-6 से होगा पंजीयन

रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने छूटे हुए, पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) के साथ बैठक के बाद यह निर्देश जारी किया है। अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और पात्र लोगों को फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की सुविधा देंगे। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिक नए मतदाता के रूप में फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं।
प्री-SIR और मौजूदा मतदाता सूची का होगा मिलान
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बूथ स्तर पर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट (ASDD) मतदाताओं की सूची तैयार की गई थी। इसमें नाम शामिल नहीं होने के संभावित कारण भी दर्ज किए गए थे। यह सूची संबंधित पंचायत भवनों, नगरीय निकायों के नोटिस बोर्ड और संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों में प्रदर्शित करने के साथ राजनीतिक दलों के बीएलए (BLA) के साथ साझा की गई थी।
अब BLO प्री-SIR मतदाता सूची और वर्तमान मतदाता सूची की तुलना करेंगे। ऐसे मतदाताओं की अलग सूची तैयार की जाएगी, जिनके नाम पहले की सूची में थे, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं।
घर-घर जाकर होगा सत्यापन
चिह्नित मतदाताओं की वर्तमान स्थिति जानने के लिए BLO घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। यदि कोई व्यक्ति पात्र पाया जाता है तो उसे फॉर्म-6 भरने में मदद की जाएगी। BLO अपने क्षेत्र में ऐसे मतदाताओं की स्थिति भी दर्ज करेंगे और यह भी चिन्हित करेंगे कि किन लोगों के लिए फॉर्म-6 भरा गया है।
इसके साथ ही घर-घर संपर्क के दौरान ऐसे छूटे हुए, पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं की भी पहचान की जाएगी, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
आयोग के निर्देशों के अनुसार, BLO एक सप्ताह में करीब 20-25 मतदाताओं को कवर करने का प्रयास करेंगे, ताकि यह प्रक्रिया लगभग एक महीने में पूरी की जा सके।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी साझा होगी सूची
BLO द्वारा तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद फॉर्म-6 के आवेदन और क्षेत्रीय सत्यापन रिपोर्ट निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) को भेजी जाएगी।
ERO, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और निर्वाचकों का पंजीकरण नियम 1960 के तहत इन आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। अभ्यास पूरा होने के बाद बूथवार तैयार सूचियां राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा की जाएंगी, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने का एक और अवसर मिल सके।
रैन बसेरों और मजदूर कॉलोनियों में भी लगेंगे विशेष कैंप
नाम जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे। रैन बसेरों, मजदूर कॉलोनियों, बेघर लोगों तथा वंचित और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।
स्वीप गतिविधियों के जरिए अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के अवसर की जानकारी मिल सके।
आयोग के अनुसार, मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है। पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है। निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर भी नए मतदाता के पंजीयन के लिए फॉर्म-6 की सुविधा उपलब्ध है।
अभियान की प्रगति की निगरानी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा की जाएगी।



