होर्मुज में जहाजों की आवाजाही के लिए बनेगा अस्थायी समुद्री गलियारा, ईरान-ओमान में सहमति

ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू करने के लिए अस्थायी समुद्री कॉरिडोर बनाने पर चर्चा की है। दोनों देशों के बीच मंगलवार को इस मुद्दे पर बातचीत हुई। इस दौरान समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगें हटाने को लेकर भी सहमति बनी है। हालांकि, क्षेत्र में तनाव और हालिया हमलों के चलते इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही अभी भी जोखिम भरी मानी जा रही है।
समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने की कोशिश
ईरान और ओमान पिछले कई हफ्तों से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत कर रहे हैं। दोनों देशों ने एक संयुक्त अस्थायी नेविगेशनल कॉरिडोर बनाने की संभावना पर चर्चा की है। इस कॉरिडोर के जरिए जहाजों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। संघर्ष से पहले इस मार्ग से दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल और एलएनजी आपूर्ति गुजरती थी। ऐसे में यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
टैंकर पर हमले से बढ़ी चिंता
अस्थायी कॉरिडोर पर चर्चा के बीच मंगलवार को ओमान के अश शिशाह इलाके से करीब 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। हमले के बाद टैंकर आगे नहीं बढ़ सका। समुद्री सुरक्षा से जुड़ी ब्रिटिश संस्था ने घटना की जानकारी दी।
इस घटना के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। क्षेत्र में तनाव के कारण कंपनियां इस समुद्री मार्ग से जहाज भेजने को लेकर सतर्कता बरत रही हैं।
अमेरिका का ईरान पर दबाव जारी
अमेरिका ने ईरान के साथ कारोबार जारी रखने वाले देशों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि, तत्काल नए प्रतिबंध लागू नहीं करने की बात भी कही गई है। वहीं, तनाव बढ़ने की आशंका के चलते अमेरिका ने मध्य पूर्व के कुछ दूतावासों से पहले वापस बुलाए गए कर्मचारियों को लौटाना शुरू किया है।
इस घटनाक्रम से संकेत मिल रहा है कि अमेरिका फिलहाल क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने की संभावना को पहले की तुलना में कम मान रहा है। हालांकि कुछ दूतावास अभी पूरी क्षमता से काम नहीं करेंगे।
युद्ध को लेकर अमेरिका में समर्थन घटा
रॉयटर्स/इप्सोस के एक सर्वे के अनुसार, संघर्ष को लेकर अमेरिका में जनता का समर्थन युद्ध शुरू होने के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर बताई गई है। नवंबर में अमेरिका में कांग्रेस के चुनाव होने हैं, ऐसे में युद्ध का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है, जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।



