मानसून फिर एक्टिव: बिहार में नदियां उफान पर, हिमाचल में हाईवे पर लैंडस्लाइड; MP-छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली। देश के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में मानसून ( Monsoon) एक बार फिर सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मंगलवार को पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम का मिजाज उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र, मानसून ट्रफ और कई अन्य वायुमंडलीय प्रणालियों से प्रभावित हो रहा है। इसके चलते उत्तर भारत के कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी है।
बिहार में नदियां उफान पर, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड
बिहार में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। निचले इलाकों में बाढ़ ( Monsoon) का खतरा बना हुआ है। वहीं उत्तराखंड में पिछले करीब एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई जगह यातायात प्रभावित हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश के कारण मुश्किलें बढ़ी हैं। शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर भारी लैंडस्लाइड हुआ है। मलबा सड़क पर आने से यातायात प्रभावित हुआ। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
अंबोली में चेरापूंजी से ज्यादा बारिश
महाराष्ट्र के अंबोली में इस मानसून सीजन में बेहद ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त तक यहां करीब 250 इंच बारिश हो चुकी है। सितंबर तक बारिश का आंकड़ा 400 इंच तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। अंबोली अपनी भारी बारिश के लिए जाना जाता है और इस बार भी यहां मानसून का असर काफी मजबूत रहा है।
UP में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हाल के दिनों में भारी बारिश हुई है। कई इलाकों में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। बरेली में भी बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों की ओर बढ़ गया है। इसके साथ ही इससे जुड़ा ट्रफ भी मौसम को प्रभावित कर रहा है।
एक साथ कई सिस्टम सक्रिय
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक देश में एक साथ कई मौसमी सिस्टम ( Monsoon) सक्रिय हैं। कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े ट्रफ के अलावा हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने वाले दो पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद हैं। वहीं उत्तर-पूर्वी बिहार और असम के आसपास चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
9 सितंबर तक कई राज्यों में बारिश
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 9 सितंबर तक बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, गंगा के मैदानी क्षेत्र वाले पश्चिम बंगाल, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद भी उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। हालांकि केरल में गर्मी और उमस परेशान कर सकती है। तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम विभाग ने बारिश प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। सरकार ने लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।



