ब्रिटेन के प्रतिबंधों पर इजराइल का पलटवार, यरुशलम में ब्रिटिश कॉन्सुलेट बंद करने समेत लिए 4 बड़े फैसले

ब्रिटेन और इजराइल के बीच राजनयिक तनाव बढ़ता जा रहा है। वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों को लेकर ब्रिटेन की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद इजराइल ने भी जवाबी कदमों का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सहमति से विदेश मंत्री गिदोन सार ने ब्रिटेन के खिलाफ चार फैसलों की घोषणा की।
ब्रिटिश कॉन्सुलेट बंद करने का फैसला
इजराइल ने यरुशलम स्थित ब्रिटिश कॉन्सुलेट को बंद करने का फैसला लिया है। इसके अलावा किर्यात गात स्थित इंटरनेशनल गाजा सपोर्ट सेंटर से ब्रिटिश प्रतिनिधियों को हटाने की बात कही गई है।
तीसरे कदम के तहत रामल्लाह में ब्रिटिश सपोर्ट टीम के जरिए फलस्तीनी अथॉरिटी की सुरक्षा बलों को दी जा रही ब्रिटिश ट्रेनिंग रोकने का फैसला लिया गया है।
12 ब्रिटिश प्रतिनिधियों की इजराइल में नो एंट्री
इजराइल ने 12 ब्रिटिश निर्वाचित प्रतिनिधियों और कुछ अन्य ब्रिटिश नागरिकों के प्रवेश पर भी रोक लगाने का ऐलान किया है। इजराइल का आरोप है कि ये लोग इजराइल विरोधी या यहूदी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं अथवा इजराइल के अस्तित्व को नकारते हैं।
ब्रिटेन पर आंतरिक मामलों में दखल का आरोप
विदेश मंत्री गिदोन सार ने ब्रिटिश सरकार पर इजराइल के आंतरिक मामलों और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। उन्होंने ब्रिटेन के प्रतिबंधों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और एकतरफा कदम बताया। इजराइल ने वेस्ट बैंक की बस्तियों और E1 क्षेत्र को लेकर ब्रिटेन की आलोचना को भी खारिज किया है।
ब्रिटेन ने इजराइली बस्तियों पर लगाए प्रतिबंध
इससे पहले ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों पर कई पाबंदियां लगाने का ऐलान किया था। ब्रिटेन ने कब्जे वाले फलस्तीनी इलाकों से कुछ वस्तुओं के आयात पर भी रोक लगाई है। ब्रिटिश सरकार ने वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों के कथित जातीय सफाये की निंदा की है।
इजराइल ने चेतावनी दी है कि यदि दूसरे देश भी उसके खिलाफ कार्रवाई करते हैं तो वह उनके खिलाफ भी जवाबी कदम उठा सकता है। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में तनाव और बढ़ने की आशंका है।



