
इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में पाकिस्तान के 21 वर्षीय तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया। टेस्ट डेब्यू कर रहे रजाउल्लाह ने नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए महज 63 गेंदों में 81 रन की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 9 छक्के लगाए और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी पारी ने पाकिस्तान को मैच में वापसी का मौका भी दिया।
पहाड़ों के गांव से सीधे टेस्ट टीम तक पहुंचे
लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान ने टीम में बड़े बदलाव किए और सात नए खिलाड़ियों को इंग्लैंड भेजा। रजाउल्लाह भी इन्हीं खिलाड़ियों में शामिल थे। उन्हें टीम तक पहुंचाने की कहानी भी काफी दिलचस्प रही। उनके चयन की जानकारी देने के लिए कोच को खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी इलाके में बसे उनके गांव तक जाना पड़ा।
इसके बाद जल्दबाजी में रजाउल्लाह का पासपोर्ट तैयार कराया गया और वह इंग्लैंड पहुंचे। एजबेस्टन में अपने डेब्यू टेस्ट में उन्होंने गेंद से भी प्रभाव छोड़ा। उन्होंने जो रूट को आउट कर अपना पहला विकेट हासिल किया और करीब 140-145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए कुल चार विकेट लिए।
43 गेंदों में अर्धशतक, डेब्यू में बनाया बड़ा रिकॉर्ड
दूसरी पारी में पाकिस्तान ने 312 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे और टीम इंग्लैंड से आठ रन पीछे थी। इसी समय नौवें नंबर पर रजाउल्लाह बल्लेबाजी के लिए उतरे। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 43 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के लिए टेस्ट डेब्यू में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
रजाउल्लाह ने अपनी पारी में 63 गेंदों का सामना करते हुए 81 रन बनाए। नौवें नंबर पर टेस्ट डेब्यू में यह संयुक्त रूप से सबसे बड़ी पारियों में से एक है। इस मामले में उन्होंने कॉर्बिन बॉश के रिकॉर्ड की बराबरी की।
9 छक्के लगाए, दो बल्ले भी टूटे
रजाउल्लाह ने अपनी 81 रन की पारी में 9 छक्के लगाए। यह नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए किसी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है। साथ ही उन्होंने टेस्ट डेब्यू में 9 छक्के लगाने वाले टिम साउदी के रिकॉर्ड की भी बराबरी की। उनकी पारी के दौरान एक छक्का एजबेस्टन स्टेडियम में बने होटल तक पहुंच गया।
रजाउल्लाह ने बताया कि आक्रामक बल्लेबाजी के दौरान उनके दो बल्ले टूट गए, जिसके बाद उन्हें तीसरा बल्ला मंगाना पड़ा। उनकी इस पारी की बदौलत पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने 130 रन का लक्ष्य रखा। इससे मैच में पाकिस्तान की जीत की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हो गई।



