KBC 18 में अमिताभ बच्चन ने बताया अपना अधूरा सपना, बोले- आज भी संगीत न सीख पाने का है अफसोस

KBC 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक अधूरा सपना साझा किया। उन्होंने बताया कि वह हमेशा से संगीत सीखना चाहते थे, लेकिन यह इच्छा कभी पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने माना कि आज भी उन्हें संगीत न सीख पाने का अफसोस है।
संगीत सीखने की अधूरी रह गई इच्छा
शो में कंटेंट क्रिएटर कृतज्ञ नय्यर ने अमिताभ बच्चन के साथ ‘दिस ऑर दैट’ गेम खेलने की इच्छा जताई। इसी दौरान उनसे पूछा गया कि वह अपनी जिंदगी का कोई पुराना दिन दोबारा जीना चाहेंगे या ऐसा दिन देखना चाहेंगे, जिसे उन्होंने कभी जिया नहीं लेकिन हमेशा से जीने की इच्छा रही।
अमिताभ ने कहा कि उनकी जिंदगी में इतनी सारी घटनाएं और यादें हैं कि किसी एक दिन को चुनना आसान नहीं है। इसके बाद उन्होंने अपने उस अधूरे शौक के बारे में बताया, जिसे लेकर उन्हें आज भी मलाल है।
सितार और संगीत को लेकर जताया अफसोस
अमिताभ बच्चन ने बताया कि जब वह किसी को सितार बजाते या खूबसूरती से गाते हुए देखते-सुनते हैं तो उन्हें लगता है कि काश उन्होंने भी संगीत सीखा होता। उन्होंने कहा कि वह हमेशा संगीत सीखना चाहते थे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हो पाया।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके घर में संगीत सीखने के लिए कई वाद्य यंत्र रखे हुए हैं। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि उन वाद्य यंत्रों पर फूलों की माला तक चढ़ी हुई है, क्योंकि उम्मीद थी कि किसी दिन वह संगीत सीखेंगे।
84 साल की उम्र में भी अधूरा है सपना
अमिताभ ने बताया कि उम्र के इस पड़ाव तक पहुंचने के बावजूद उनका यह शौक पूरा नहीं हो सका। संगीत सीखने की इच्छा पूरी न कर पाने की बात करते हुए उन्होंने अपने मन का अफसोस जाहिर किया।
शो के दौरान अमिताभ बच्चन का यह खुलासा उनके व्यक्तित्व के एक निजी पहलू को सामने लाता है। दर्शकों के लिए यह जानना दिलचस्प रहा कि अपने लंबे और सफल करियर के बावजूद उनके मन में संगीत सीखने की एक इच्छा अब भी अधूरी है।



