पेजेश्कियान का अमेरिका को दो टूक संदेश, बोले- दबाव और दादागीरी के आगे नहीं झुकेगा ईरान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत की धरती से अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी तरह की दादागीरी, दबाव या अहंकार के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने अपने देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहने की बात कही।
अमेरिका और इजराइल पर साधा निशाना
पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान डराने-धमकाने की नीति के आगे नहीं झुकेगा और किसी भी दबाव का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अस्पतालों, बुनियादी ढांचे और आम लोगों की आजीविका को निशाना बनाने के बजाय सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ईरानी राष्ट्रपति ने दावा किया कि दबाव और आपूर्ति की कमी के जरिए ईरानी जनता को झुकाने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने अमेरिका और इजराइल की रणनीति की तुलना बिना लगाम वाले जंगली घोड़े से करते हुए कहा कि ऐसी नीतियां उन्हें विनाश की ओर ले जा सकती हैं।
भारत को बताया महत्वपूर्ण साझेदार
पेजेश्कियान तीन दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं और उनकी यात्रा का प्रमुख उद्देश्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना है। इस दौरान ईरान की ओर से भारत को एक महत्वपूर्ण उभरती शक्ति और ब्रिक्स की अहम भूमिका निभाने वाला देश बताया गया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि भारत एक महान उभरता हुआ देश है और मौजूदा समय में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत ब्रिक्स और उसके सदस्य देशों का प्रभावी नेतृत्व करने में सक्षम होगा।
शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर दिया जोर
पेजेश्कियान ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों और समाजों को एक-दूसरे के साथ मिलकर रहना होगा। उन्होंने विदेशी ताकतों पर ईरानी समाज में मतभेद पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि ईरान ऐसी परिस्थितियों में भी अपने लोगों और अपने हितों के समर्थन में मजबूती से खड़ा रहेगा।
उनके संबोधन में पश्चिम एशिया में जारी तनाव, सैन्य कार्रवाई और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दे प्रमुख रहे। भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान ईरान की ओर से दिए गए इन बयानों को अमेरिका और इजराइल के खिलाफ तेहरान के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।



