Follow Us on Our Social Media
Chhattisgarh

महतारी वंदन योजना में 542 हितग्राही अपात्र, करीब 30 लाख रुपए की वसूली; 98.58% सत्यापन पूरा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में महतारी वंदन योजना के तहत बड़ी संख्या में हितग्राहियों की पात्रता जांच की गई है। जिले में योजना का लाभ ले रहीं 4 लाख 17 हजार 902 महिलाओं के सत्यापन के दौरान 542 हितग्राही अपात्र पाए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपात्र हितग्राहियों से करीब 30 लाख रुपए की वसूली की है। अधिकारियों के मुताबिक सत्यापन और वसूली की कार्रवाई अभी भी जारी है।

महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे आधार लिंक बैंक खातों में जमा की जाती है। बिलासपुर जिले में भी बड़ी संख्या में महिलाएं योजना का लाभ ले रही हैं।

शिकायतों के बाद शुरू हुआ सत्यापन

योजना के हितग्राहियों को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने पात्रता की जांच शुरू की। सत्यापन के दौरान 542 महिलाएं योजना के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके बाद विभाग ने अपात्र हितग्राहियों से योजना के तहत मिली राशि की वसूली शुरू की।

जांच में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां योजना का लाभ लेने वाली महिला की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी खाते से योजना की राशि निकाली गई। विभाग ने ऐसे मामलों में संबंधित उत्तराधिकारियों से राशि की वसूली की है। अब तक इस तरह के मामलों में 7 लाख 60 हजार रुपए की वसूली की जा चुकी है।

31 किश्तों में 12.16 अरब रुपए का भुगतान

बिलासपुर जिले में महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 31 किश्तें जारी की जा चुकी हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन किश्तों के जरिए हितग्राहियों के बैंक खातों में करीब 12.16 अरब रुपए जमा किए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि पात्रता जांच के दौरान सामने आने वाले मामलों के आधार पर वसूली की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

98.58 प्रतिशत हितग्राहियों का KYC पूरा

योजना में पात्रता सत्यापन के लिए KYC को भी अहम आधार बनाया गया है। जिले में योजना से जुड़ी 4,17,902 महिलाओं में से 4,11,989 हितग्राहियों की KYC पूरी हो चुकी है।

इस तरह जिले में अब तक 98.58 प्रतिशत हितग्राहियों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। शेष हितग्राहियों की KYC और पात्रता जांच की प्रक्रिया जारी है।

विभाग के मुताबिक शेष हितग्राहियों का सत्यापन पूरा होने के बाद अपात्र पाए जाने वाले हितग्राहियों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। विभाग पात्रता की जांच के साथ-साथ अपात्र मामलों में राशि की वसूली की कार्रवाई भी जारी रखे हुए है।

Follow Us on Our Social Media

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button