छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने बड़ा फैसला, कचना में 96 MSME के लिए प्लग एंड प्ले फैक्टरी कॉम्प्लेक्स; इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर को ₹469 करोड़ मंजूर

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा की गई।
कचना में 96 MSME के लिए प्लग एंड प्ले फैक्टरी कॉम्प्लेक्स
बैठक में धमतरी जिले के ग्राम कचना में प्लग एंड प्ले फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्प्लेक्स के निर्माण के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में कुल 43,200 वर्गमीटर क्षेत्र में भू-तल और बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा। इसमें 96 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए स्थान उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
यह स्थल रायपुर से करीब 32 किलोमीटर और धमतरी जिला मुख्यालय से करीब 41 किलोमीटर दूर पुराने धमतरी रोड से लगभग एक किलोमीटर अंदर स्थित है।
कॉम्प्लेक्स में बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज और साझा जनसुविधाएं पहले से विकसित की जाएंगी। इसके चलते उद्योगों को केवल मशीनरी स्थापित कर जल्द उत्पादन शुरू करने की सुविधा मिलेगी। इससे समय और शुरुआती पूंजी की बचत होने के साथ ही राज्य में Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राजनांदगांव में ₹469.61 करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
बैठक में राजनांदगांव जिले के घुमका तहसील के ग्राम पटेवा में Electronics Manufacturing Cluster 2.0 स्थापित करने के लिए ₹469 करोड़ 61 लाख की अधोसंरचना निर्माण योजना को मंजूरी दी गई।
इस परियोजना में ₹210 करोड़ 56 लाख केंद्रांश और ₹259 करोड़ 05 लाख राज्यांश शामिल है। परियोजना को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 12वीं प्रोजेक्ट रिव्यू कमेटी से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
यह क्लस्टर कुल 306.56 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा। इसमें 150.56 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक भूखंड विकसित किए जाने हैं। क्लस्टर में चार प्रमुख एंकर यूनिट्स स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।

चार फ्लैटेड फैक्टरी भवन समेत कई सुविधाएं
प्रस्तावित अधोसंरचना के तहत चार बहुमंजिला फ्लैटेड फैक्टरी भवन बनाए जाएंगे। इसके अलावा प्रशासनिक भवन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कॉमन फैसिलिटी सेंटर की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
कर्मचारियों के लिए 250 बेड क्षमता वाला हॉस्टल बनाया जाएगा। बिजली व्यवस्था के लिए 5 MVA क्षमता का सब-स्टेशन, सोलर स्ट्रीट लाइट और 11 KV HT लाइन नेटवर्क स्थापित करने का प्रस्ताव है।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर समेत वाणिज्य एवं उद्योग, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वित्त, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



