‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ सामूहिक गायन, राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंजा परिसर

रायपुर। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को देशभर में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्या भारती के आह्वान पर आयोजित इन कार्यक्रमों का संदेश “एक आवाज, एक संकल्प, एक भारत” रखा गया। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर के राजा तालाब स्थित सरस्वती शिशु मंदिर, इंद्रावती कॉलोनी में भी विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सुबह ठीक 11 बजे विद्यालय परिसर में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गीत का सामूहिक गायन किया गया। विद्यार्थियों, आचार्य-दीदियों, अभिभावकों और आम नागरिकों ने इसमें उत्साह के साथ सहभागिता की। सामूहिक गायन के दौरान पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम के भाव से गूंज उठा।
देशभर में एक साथ हुआ सामूहिक गायन
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विद्या भारती की ओर से देशभर में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजकों के अनुसार, देशभर में 17 हजार से अधिक स्थानों पर इन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
“एक आवाज, एक संकल्प, एक भारत” के संदेश के साथ आयोजित “नमामि भारतम्” कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, अभिभावक और आम नागरिक भी शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व से नई पीढ़ी को परिचित कराना और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता एवं देशप्रेम की भावना को मजबूत करना रहा।
रायपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में विशेष आयोजन
रायपुर के राजा तालाब, इंद्रावती कॉलोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में 25 सितंबर 2026 को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 11 बजे विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने एक साथ ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गीत का गायन किया।
इस दौरान विद्यालय परिसर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। आचार्य-दीदियों और अभिभावकों ने भी सामूहिक गायन में सहभागिता की।
आयोजकों के मुताबिक, विद्यार्थियों को केवल गीत के गायन तक सीमित न रखते हुए इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से भी अवगत कराया गया।
विद्यार्थियों को बताया गया ऐतिहासिक महत्व
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास और भारतीय समाज में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीयों के लिए राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है।
सामूहिक गायन के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण संदर्भों से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और अभिभावकों की बड़ी भागीदारी रही। सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत के गायन ने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप दिया।
ये अतिथि रहे मौजूद
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के व्यवस्थापक एवं प्राचार्य नेतराम, पद्मश्री मदन चौहान, घनश्याम चौधरी, डॉ. शैफी, सतीश कुमार शर्मा, ज्ञानचंद चौधरी, सुनील चौधरी, आदित्य कश्यप, अशोक साहू, शब्बीर एवं सीताराम साहू सहित विद्यालय के सभी आचार्य-दीदी, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहे।
अतिथियों की मौजूदगी और विद्यार्थियों की सहभागिता से कार्यक्रम को विशेष महत्व मिला। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सामूहिक गायन में हिस्सा लेकर आयोजन को सफल बनाया।
‘एक आवाज, एक संकल्प, एक भारत’ का संदेश
कार्यक्रम का मुख्य संदेश “एक आवाज, एक संकल्प, एक भारत” रहा। आयोजकों ने बताया कि सामूहिक गायन का उद्देश्य समाज के अलग-अलग वर्गों को एक मंच पर लाकर राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम की भावना को मजबूत करना है।
विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भी इस संदेश के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का यह अवसर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, इतिहास और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना से जोड़ने का प्रयास किया गया।
राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों ने राष्ट्रभक्ति और एकता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।
सामूहिक गायन के बाद कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी मजबूत करते हैं।
रायपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित देशव्यापी कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा रहा, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।



