आधी रात उफनती नदी में कूदा थाना प्रभारी, कार में फंसे पांच लोगों की बचाई जान

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। इसी बीच राजनांदगांव जिले के गंडई इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां थाना प्रभारी ने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती नदी में छलांग लगाकर पांच लोगों की जिंदगी बचा ली।
घटना देर रात की है। गंडई थाना क्षेत्र में बाढ़ के पानी में एक कार फंस गई थी। कार में पांच लोग सवार थे और तेज बहाव के कारण वाहन पानी में डूबने लगा था। ऐसे समय में थाना प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर गेंडले ने मौके पर पहुंचकर बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने एक-एक कर कार में फंसे पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस की इस तत्परता और थाना प्रभारी के साहस से एक बड़ा हादसा टल गया।
आधी रात 2.30 से 3 बजे के बीच हुआ हादसा
यह घटना 26 सितंबर की रात करीब 2.30 से 3 बजे के बीच गंडई थाना क्षेत्र के दनिया पुल के पास हुई।
जानकारी के मुताबिक रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र के रहने वाले पांच दोस्त—कुबेर, कमलेश, निहाल, महक और प्रीति—कार से रायपुर से मध्यप्रदेश के कान्हा-किसली घूमने के लिए निकले थे।
रात के समय जब उनकी कार दनिया पुल के पास पहुंची, उस समय लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था। बाढ़ का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। अंधेरे के कारण पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा नहीं लग सका।
इसी दौरान कार पुलिस द्वारा लगाए गए स्टॉपर से टकरा गई और पुल से नीचे उतरकर तेज बहाव में फंस गई।
पानी में डूबने लगी कार, पेड़ की टहनी का लिया सहारा
कार के नदी के तेज बहाव में फंसते ही पांचों लोगों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते पानी का स्तर बढ़ने लगा और कार डूबने लगी।
अपनी जान बचाने के लिए पांचों लोग किसी तरह कार से बाहर निकले और पास मौजूद पेड़ की टहनी को पकड़कर लटक गए।
चारों तरफ अंधेरा था और नदी का बहाव बेहद तेज था। ऐसे में पांचों लोगों के लिए खुद बाहर निकलना लगभग नामुमकिन हो गया था।
उन्होंने किसी तरह डायल-112 के माध्यम से पुलिस को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही गंडई थाना प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर गेंडले पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया। सामने बेहद तेज बहाव था और नदी में पानी लगातार बढ़ रहा था। पांचों लोग जान बचाने के लिए पेड़ की टहनी पकड़े हुए थे।
हालात की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने जोखिम उठाने का फैसला किया।
उन्होंने बिना समय गंवाए उफनती नदी में छलांग लगा दी।
एक-एक कर पांचों लोगों को निकाला बाहर
थाना प्रभारी शिवशंकर गेंडले ने नदी के तेज बहाव के बीच पहुंचकर पेड़ के पास फंसे लोगों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया।
उन्होंने बेहद सावधानी और साहस के साथ पांचों लोगों को नदी से बाहर निकाला। पुलिस टीम की मदद से सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
रात के अंधेरे और तेज बहाव के बीच थाना प्रभारी द्वारा उठाए गए इस जोखिम भरे कदम से पांचों लोगों की जान बच गई।
बड़ा हादसा होने से टला
अगर पुलिस टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंचती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। नदी का बहाव तेज था और कार के पूरी तरह डूबने के बाद पांचों लोगों के लिए अपनी जान बचाना मुश्किल हो सकता था।
समय पर पुलिस को सूचना मिलने और थाना प्रभारी की तत्परता के चलते पांचों लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर बाढ़ और तेज बहाव वाले रास्तों पर रात के समय यात्रा करने के खतरे को सामने ला दिया है।
भारी बारिश के बीच बढ़ा नदी-नालों का जलस्तर
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण नदी और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कई जगहों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है।
ऐसे में प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों को पानी से भरे रास्तों और पुलों को पार नहीं करने की सलाह दी जाती है। खासकर रात के समय पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है।
दनिया पुल की घटना भी इसी खतरे की एक गंभीर मिसाल है।
थाना प्रभारी के साहस की हो रही चर्चा
गंडई थाना प्रभारी शिवशंकर गेंडले ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर पांच लोगों को बचाया, उसकी चर्चा हो रही है।
आधी रात, अंधेरा, तेज बारिश और उफनती नदी के बीच पुलिस अधिकारी का यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन समय पर लिया गया फैसला पांच लोगों की जिंदगी बचाने में कामयाब रहा।
भारी बारिश के बीच जहां एक तरफ नदी का बहाव लोगों के लिए खतरा बन गया था, वहीं पुलिस की तत्परता और थाना प्रभारी के साहस ने पांच जिंदगियों को सुरक्षित किनारे पहुंचा दिया।



