देश के कई राज्यों में बारिश-बाढ़ का असर: उत्तराखंड में 136 पर्वतारोही फंसे, यूपी-बिहार में भी हालात बिगड़े

दिल्ली। देश के कई राज्यों में सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश (MAUSAM) ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड में बर्फबारी और लैंडस्लाइड के कारण सड़कें बंद हैं, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सपोर्ट स्टाफ फंसे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में चार दिन की लगातार बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं और कई गांवों में पानी भर गया है। बिहार में नेपाल से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश के कई संभागों में भी पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है।
उत्तराखंड में 136 पर्वतारोही फंसे
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बीच 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सपोर्ट स्टाफ फंस गए हैं। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। खराब मौसम और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण राहत एवं बचाव कार्य में चुनौतियां बनी हुई हैं।
राज्य में लैंडस्लाइड के कारण आदि कैलाश मार्ग समेत 86 सड़कें बंद हैं। इनमें चमोली की 21, नैनीताल की 18 और पिथौरागढ़ की 15 सड़कें शामिल हैं। कई अन्य मार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार में यलो अलर्ट जारी किया है। केदारनाथ धाम में भी बारिश का दौर जारी है।
यूपी में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर
उत्तर प्रदेश में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गोंडा और बदायूं में छोटे पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है।
कुशीनगर में दो गांवों के करीब 1,400 परिवार बाढ़ (MAUSAM) से प्रभावित हुए हैं। इनमें से करीब 600 परिवारों ने घर छोड़कर तटबंध पर शरण ली है। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर समेत कई शहरों में भी निचले इलाकों में पानी भर गया है। राहत और बचाव के लिए NDRF और PAC की टीमें तैनात की गई हैं। राज्य के 46 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है और कई शहरों में स्कूल बंद किए गए हैं।
बिहार में नेपाल से छोड़े पानी ने बढ़ाई चिंता
बिहार के पश्चिम चंपारण और सुपौल जिलों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से बिहार के 23 गांव प्रभावित हुए हैं। करीब 82 हजार लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन से 6.52 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले 27 अगस्त 1999 को 5.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने का रिकॉर्ड था। सुपौल में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हैं और कुछ जगहों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया है।
मध्य प्रदेश में 37.7 इंच बारिश
मध्य प्रदेश के जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग (MAUSAM) में पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है। उमरिया समेत कई जिलों में नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रदेश में अब तक 37.7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे की करीब 95.8% है।
हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिनों में मध्य प्रदेश के किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप निकलने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई भी एक सप्ताह के भीतर शुरू हो सकती है।
छत्तीसगढ़ की बारिश का असर महाराष्ट्र तक
छत्तीसगढ़ में हो रही भारी बारिश का असर पड़ोसी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भी दिखाई दे रहा है। यहां कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित हुआ है। इस बीच देश के कई हिस्सों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी हैं।



