साधु-संतों के अपमान पर जेल भेजने की चेतावनी, सीएम बोले- ‘टीका-शिखा-धोती और तुलसी वाली सरकार’

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कोलकाता में आयोजित भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और साधु-संतों को लेकर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि साधु-संतों, महंतों और आध्यात्मिक नेताओं का अपमान या उन्हें धमकाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे लोगों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में अब परिस्थितियां बदल गई हैं और लोग बिना डर के धार्मिक गतिविधियां कर सकते हैं।
11 हजार लोगों ने एक साथ किया गीता पाठ
CM शुभेंदु अधिकारी कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में बांगुर जागरण मंच की ओर से आयोजित सामूहिक भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में करीब 11 हजार लोगों ने एक साथ गीता का पाठ किया। मुख्यमंत्री ने लोगों से भगवद्गीता और हनुमान चालीसा का पाठ करने, हरे कृष्ण मंत्र का जाप करने तथा धार्मिक परंपराओं का पालन करने से नहीं डरने की अपील की।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अब ‘मौसम बदल गया है’ और समय भी बदल गया है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि बंगाल में ‘टीका, शिखा, धोती और तुलसी वाली सरकार’ आ गई है। उन्होंने ‘गौमाता’ की रक्षा की बात भी कही। ये टिप्पणियां उनके राजनीतिक और सांस्कृतिक रुख को दर्शाती हैं।
धीरेंद्र शास्त्री के मामले का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने हाल में पश्चिम बंगाल आए आध्यात्मिक कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यानी बागेश्वर बाबा से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि शास्त्री की तस्वीर और पुतले को जलाने की घटना के बाद उनकी सरकार ने कार्रवाई की थी। अधिकारी के मुताबिक, उन्होंने विधानसभा में भी कहा था कि साधु-संतों और आध्यात्मिक नेताओं का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि देश संविधान से संचालित होता है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने की स्वतंत्रता है। साथ ही उन्होंने साधु-संतों को धार्मिक गतिविधियां स्वतंत्र रूप से करने का अधिकार होने की बात कही।
29 दिसंबर को 10 लाख लोगों के गीता पाठ का ऐलान
CM शुभेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान आगामी 29 दिसंबर को करीब 10 लाख लोगों के साथ सामूहिक गीता पाठ आयोजित करने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने पिछले गीता पाठ कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड और सिलीगुड़ी में हुए आयोजनों का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बंगाल आने की इच्छा का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, मकर संक्रांति के दौरान अगले साल रामभद्राचार्य बंगाल में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार कुरुक्षेत्र में होने वाले गीता महोत्सव में अपना पवेलियन लगाएगी।
राजनीतिक संदेश भी दिया
कार्यक्रम के दौरान अधिकारी ने लोगों से एकजुट और सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने अपने संबोधन में विपक्ष और कथित विभाजनकारी ताकतों को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का जिक्र करते हुए लोगों से एकजुट रहने को कहा।
शुभेंदु अधिकारी के इस बयान को पश्चिम बंगाल में धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर उनके सरकार के सार्वजनिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, साधु-संतों के अपमान के मामलों में कार्रवाई संबंधित घटना, लागू कानून और जांच के आधार पर होगी।



