सुकमा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे CM साय, राहत शिविरों का लिया जायजा; 300 परिवारों को मिलेगी ₹10-10 हजार की अतिरिक्त सहायता

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों का हाल जाना। उन्होंने शबरीनगर, श्रीनगर और लाइनपारा समेत विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं जरूरतों की जानकारी ली।
राहत शिविर में लोगों को खुद परोसा भोजन
मुख्यमंत्री साय ने शबरीनगर में स्थापित राहत एवं स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान वे राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें स्वयं भोजन परोसकर उनका हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री एक बाढ़ प्रभावित परिवार के घर भी पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों और हुए नुकसान की जानकारी ली तथा उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों की कठिनाइयों को समझते हुए राहत और सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
अतिवृष्टि के बाद कई इलाकों में बनी बाढ़ की स्थिति
23 और 24 सितंबर को हुई अतिवृष्टि के कारण सुकमा जिले के कई क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को तात्कालिक सहायता, सूखा राशन और गर्म कपड़े उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और आवश्यक स्वच्छता उपाय किए जा रहे हैं।
कोंटा में 19 राहत केंद्रों में व्यवस्था
मुख्यमंत्री साय ने कोंटा क्षेत्र में भी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। लगातार बारिश के कारण सबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों के साथ कोंटा नगर पालिका के चार वार्डों में पानी भर गया था।
प्रभावित लोगों के लिए कोंटा क्षेत्र में 19 राहत केंद्र बनाए गए हैं, जहां ठहरने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को मकानों, घरेलू सामान और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का प्राथमिकता से आकलन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पात्र प्रभावितों को RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि जल्द उपलब्ध कराई जाए।
करीब 300 परिवारों को ₹10-10 हजार की अतिरिक्त सहायता
बाढ़ के कारण घरों में रखे सामान को हुए नुकसान से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। करीब 300 प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10-10 हजार की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
यह सहायता RBC 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली राशि के अतिरिक्त होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में हर संभव सहयोग दिया जाए। क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि के वितरण तक पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता और तेजी से पूरी की जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे।
राहत के बाद पुनर्वास पर भी जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के बाद अब पुनर्वास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा में नुकसान झेलने वाले परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकारी सहायता समय पर पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



