रायपुर में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ गणेश विसर्जन, 74 झांकियों में उमड़ा 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं का हुजूम

रायपुर। राजधानी में 15 दिनों तक चले गणेश उत्सव के दौरान आस्था और उत्साह का माहौल रहा। गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से लेकर विसर्जन तक कमिश्नरेट पुलिस की कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। रायपुर की पारंपरिक गणेश विसर्जन झांकी में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20 प्रतिशत अधिक झांकियां शामिल हुईं। पुलिस के मुताबिक, पूरे आयोजन के दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
पिछले साल से बढ़ीं झांकियां
वर्ष 2025 में विसर्जन के लिए 62 झांकियां निकली थीं, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 74 हो गई। झांकी देखने और विसर्जन में शामिल होने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पुलिस के अनुमान के मुताबिक, विसर्जन झांकी में 5 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।
दो महीने पहले शुरू हुई थी तैयारी
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए रायपुर पुलिस ने करीब दो महीने पहले से ही सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी थीं। थाना स्तर पर आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी गई।
अपराध नियंत्रण के लिए आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट, NDPS एक्ट और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। साथ ही लंबित वारंटों की तामीली भी की गई। पुलिस के अनुसार, इस दौरान कई लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया।
रोजाना 700 से 800 जवान रहे तैनात
गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए प्रतिदिन करीब 700 से 800 पुलिस अधिकारी और जवान अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहे। प्रमुख चौक-चौराहों, गणेश पंडालों, झांकी मार्गों, संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त बल लगाया गया।
पुलिस ने लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी करते हुए किसी भी संभावित स्थिति से तत्काल निपटने के लिए तैयारियां रखीं।
यातायात व्यवस्था के साथ अपराधियों पर भी नजर
इस बार झांकियों की संख्या और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने को देखते हुए यातायात पुलिस ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए थे। प्रमुख मार्गों पर जरूरत के अनुसार डायवर्जन और बैरिकेडिंग की गई। अतिरिक्त यातायात बल तैनात कर लोगों की आवाजाही सुचारू रखने की कोशिश की गई।
चेकिंग और निगरानी के दौरान पुलिस ने 15 से अधिक चोरी के वाहन बरामद किए। इसके अलावा कुछ संदिग्धों को चाकू और अन्य आपत्तिजनक सामान के साथ पकड़ा गया।
विसर्जन के दिन और कड़ी रही सुरक्षा
विसर्जन झांकी के दिन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। 50 से अधिक राजपत्रित पुलिस अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मौके पर रहकर कानून-व्यवस्था, भीड़ और यातायात की निगरानी की।
पुलिस के अनुसार, झांकी के दौरान 22 से अधिक चाकू, चार कैंची और पंच समेत अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। इन मामलों में आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इसके अलावा करीब 400 किलोग्राम कड़ा बरामद किया गया। शराब की छोटी बोतलों के साथ भी कई लोगों को पकड़ा गया। विसर्जन झांकी के दौरान 50 से अधिक लोगों को प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मोबाइल चोरी और पॉकेटमारी में कथित रूप से शामिल कुछ आरोपियों को भी पुलिस ने पकड़ा।
क्राइम ब्रांच के साथ 200 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम
गणेश उत्सव के दौरान संदिग्धों और आदतन अपराधियों पर नजर रखने के लिए DCP क्राइम के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच (ACCU) के साथ करीब 200 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई थी।
इस टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई की।
ड्रोन, ITMS और CCTV से निगरानी
पुलिस ने पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ तकनीक का भी इस्तेमाल किया। गणेश उत्सव और विसर्जन झांकी के दौरान ड्रोन, ITMS और CCTV कैमरों के जरिए प्रमुख और संवेदनशील स्थानों की निगरानी की गई।
इन तकनीकी संसाधनों से भीड़ की स्थिति, यातायात के दबाव और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल और यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए।
समितियों और आम लोगों का मिला सहयोग
पुलिस के मुताबिक, गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में गणेश स्थापना समितियों, जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों और मीडिया का भी सहयोग मिला। पुलिस की ओर से की गई अपीलों और अनुरोधों पर समितियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।
पुलिस का कहना है कि पहले से की गई सुरक्षा तैयारियों, अपराधियों पर निगरानी, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, पर्याप्त पुलिस बल, तकनीकी संसाधनों और यातायात प्रबंधन के साथ जन सहयोग के चलते गणेश स्थापना से लेकर विसर्जन तक कोई बड़ी वारदात सामने नहीं आई। इसी के साथ रायपुर की पारंपरिक गणेश विसर्जन झांकी लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।



