चिनाब और अंजी पुल पर वंदे भारत ने रचा इतिहास, 100 किमी/घंटा की रफ्तार से पहली बार दौड़ी ट्रेन

नई दिल्ली। जम्मू-श्रीनगर रेल मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस ने चिनाब और अंजी पुलों को 100 किमी/घंटा की रफ्तार से पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इन दोनों पुलों पर इससे पहले किसी ट्रेन ने इतनी तेज गति से सफर नहीं किया था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो साझा किया।
रेलवे के मुताबिक, 111 किलोमीटर लंबे श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल सेक्शन में अधिकतम अनुमत गति सीमा को 75 किमी/घंटा से बढ़ाकर 100 किमी/घंटा किया गया है। बढ़ी हुई गति का सफल परीक्षण भी किया गया।
चिनाब और अंजी पुल को 100 की स्पीड से पार किया
वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 26401/26404) ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज और भारत के पहले केबल-स्टे रेलवे पुल अंजी ब्रिज को 100 किमी/घंटा की रफ्तार से पार किया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस स्पीड बढ़ोतरी से USBRL (उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक) परियोजना पर ट्रेन संचालन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। इससे यात्रा समय कम होने के साथ यात्रियों को तेज और सुविधाजनक रेल यात्रा का अनुभव मिलने की उम्मीद है।
पहले 85 और 75 किमी/घंटा थी गति
रेलवे के अनुसार, पहले कटरा से संगलदान के बीच ट्रेनों को अधिकतम 85 किमी/घंटा, जबकि संगलदान से बनिहाल के बीच 75 किमी/घंटा की रफ्तार से चलाने की अनुमति थी।
सुरक्षा से जुड़ी निर्धारित शर्तों को पूरा किए जाने की पुष्टि के बाद रेल मंत्रालय ने इस सेक्शन में अधिकतम गति को बढ़ाकर 100 किमी/घंटा करने की मंजूरी दी। यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कटरा-बनिहाल रेल मार्ग हिमालय के चुनौतीपूर्ण भूभाग से होकर गुजरता है और इसमें कई महत्वपूर्ण सुरंगों और पुलों का निर्माण किया गया है।
दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है चिनाब ब्रिज
रियासी जिले में स्थित चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। यह चिनाब नदी से करीब 359 मीटर ऊपर बना है। इसकी ऊंचाई और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां इसे इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धियों में शामिल करती हैं।
वहीं, रियासी में स्थित अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे पुल है। यह गहरी अंजी खड्ड घाटी के ऊपर बनाया गया है। पुल में केंद्रीय तोरण और केबल-स्टे प्रणाली के जरिए रेलवे डेक को सहारा दिया गया है।
100 किमी/घंटा की रफ्तार से इन दोनों पुलों को पार करने का परीक्षण जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी को गति देने और USBRL परियोजना के संचालन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



