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Chhattisgarh

‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की तस्वीर पर कलाकार ईश्वर साहू को मिला कॉपीराइट, तीन साल की जद्दोजहद के बाद मिली कला पर पहचान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की चर्चित तस्वीर को लेकर कलाकार ईश्वर साहू ‘बंधी’ ने कॉपीराइट हासिल कर लिया है। करीब तीन साल की प्रक्रिया के बाद उन्हें अपनी बनाई इस कृति पर बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) मिला है।

यह वही तस्वीर है, जिसमें छत्तीसगढ़ महतारी को हरे रंग की साड़ी, पारंपरिक परिधान और आभूषणों में दर्शाया गया है। एक हाथ में धान की बाली और हंसिया है, जबकि दूसरा हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में है। यह चित्र पिछले कुछ वर्षों में सरकारी कार्यक्रमों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया है।

2022 में सरकारी कार्यक्रमों में इस्तेमाल का फैसला

18 जून 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर इस चित्र को साझा करते हुए कहा था कि सरकार ने छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र को सभी शासकीय कार्यक्रमों में प्रमुखता से स्थान देने का निर्णय लिया है। इसके पीछे उद्देश्य प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करना बताया गया था।

इसी चित्र के आधार पर बाद में जिला मुख्यालयों में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमाएं भी स्थापित की गईं। हालांकि, कलाकार ईश्वर साहू के मुताबिक, तस्वीर के सरकारी इस्तेमाल से पहले उनसे अनुमति नहीं ली गई और उन्हें चित्र के निर्माता के रूप में अपेक्षित श्रेय भी नहीं मिला।

फरवरी 2023 में किया था कॉपीराइट के लिए आवेदन

ईश्वर साहू ने बताया कि जब उनकी बनाई तस्वीर का अलग-अलग जगहों पर इस्तेमाल होने लगा तो साथियों ने उन्हें कॉपीराइट हासिल करने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने फरवरी 2023 में कॉपीराइट के लिए आवेदन किया।

लंबी प्रक्रिया और सुनवाई के बाद अब उन्हें इस चित्र का कॉपीराइट मिल गया है। इसके साथ ही तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर उनके अधिकार औपचारिक रूप से दर्ज हो गए हैं।

पैसा नहीं, अनुमति और श्रेय को बताया प्राथमिकता

कॉपीराइट मिलने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अब तस्वीर के इस्तेमाल के लिए कलाकार शुल्क लेंगे। इस पर ईश्वर साहू का कहना है कि नियमानुसार यदि किसी कृति के इस्तेमाल के लिए भुगतान का प्रावधान है तो वे उसके हकदार हैं, लेकिन पैसा उनकी प्राथमिकता नहीं है।

उनके मुताबिक, सबसे जरूरी यह है कि तस्वीर का इस्तेमाल करने से पहले उनकी अनुमति ली जाए और कृति के वास्तविक निर्माता के तौर पर उन्हें उचित श्रेय दिया जाए।

कलाकारों के अधिकार का भी मुद्दा

ईश्वर साहू का कहना है कि यह मामला केवल उनकी व्यक्तिगत कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि उन कलाकारों के अधिकारों से भी जुड़ा है जिनकी रचनाओं का विभिन्न संस्थाओं द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

कलाकारों की कृतियां कई बार सामाजिक और जनहित के उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होती हैं और कलाकार हमेशा आर्थिक लाभ को प्राथमिकता नहीं देते। लेकिन अपनी रचना का श्रेय और उसके इस्तेमाल पर अधिकार उनके लिए महत्वपूर्ण होता है।

‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की तस्वीर पर कॉपीराइट हासिल करने के बाद ईश्वर साहू ने अपनी कृति के इस्तेमाल को लेकर अधिकार सुरक्षित कर लिए हैं। अब इस चित्र के व्यावसायिक या अन्य उपयोग की शर्तें संबंधित कॉपीराइट अधिकारों और लागू कानून के अनुसार तय होंगी।

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