स्मृति ईरानी की नियुक्ति पर भूपेश बघेल का तंज- ‘घायल शेरनी हैं, छत्तीसगढ़ आकर किसे हटाती हैं, देखना होगा’

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रभारी बनाए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्मृति ईरानी को लेकर ‘चोट खाई हुई’ और ‘घायल शेरनी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अब यह देखना होगा कि छत्तीसगढ़ आने के बाद वह संगठन में किसे हटाती हैं। स्मृति ईरानी को 23 सितंबर को भाजपा ने छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया था।
बघेल ने कहा, “स्मृति ईरानी का वनवास खत्म हुआ है। चोट खाई हुई स्मृति ईरानी हैं, घायल शेरनी हैं। यहां आने के बाद किसको हटाती हैं, यह देखना होगा।” उनका यह बयान स्मृति ईरानी की नई संगठनात्मक जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है।
सिलेंडर के मुद्दे पर भी निशाना
भूपेश बघेल ने स्मृति ईरानी के पुराने राजनीतिक बयानों और गैस सिलेंडर की कीमत के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी सिलेंडर लेकर प्रदर्शन करती थीं और 500 रुपये में सिलेंडर देने की बात कही गई थी।
बघेल ने महंगाई और चुनावी वादों को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। ये बयान कांग्रेस की ओर से महंगाई के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए हैं।
किसानों की स्थिति पर सरकार को घेरा
कोरबा में किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर बघेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों से धान खरीदना नहीं चाहती और इसके लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।
बघेल ने कहा कि किसानों की स्थिति खराब होने के कारणों की जांच की जानी चाहिए। उनके ये आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
असम में काफिले पर पथराव को लेकर भी बोले
असम दौरे से लौटे बघेल ने वहां कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए पथराव को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि नगाांव में चुनाव प्रचार के दौरान उसके नेताओं के काफिले पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। घटना में कांग्रेस के दो पदाधिकारियों के घायल होने और कई वाहनों को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी। कांग्रेस ने घटना को लेकर FIR भी दर्ज कराई थी।
बघेल ने आरोप लगाया कि पुलिस को पहले से घटना की जानकारी दी गई थी, इसके बावजूद सुरक्षा पर्याप्त नहीं रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को डराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, घटना को लेकर भाजपा की ओर से अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है और आरोपों पर विवाद बना हुआ है।
परीक्षा पेपर वायरल होने पर शिक्षा विभाग पर निशाना
स्कूली बच्चों के परीक्षा पेपर WhatsApp पर वायरल होने के मामले पर भी बघेल ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में नियंत्रण नहीं है और शिक्षा विभाग के लोग दूसरे कार्यक्रमों में व्यस्त हैं।
बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि जब विभाग के लोग ‘दीया जलाने’ में व्यस्त हैं, तो परीक्षा के पेपर WhatsApp पर आने की घटनाएं सामने आ रही हैं। यह भी उनका राजनीतिक आरोप है।



