रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत! IGKV ने DA बढ़ाकर 58% किया,
पेंशन मामलों पर भी बड़ा अपडेट

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और प्राध्यापकों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। विश्वविद्यालय ने महंगाई भत्ता (DA) 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया है। यानी रिटायर्ड कर्मचारियों को अब 3 प्रतिशत ज्यादा DA मिलेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब सेवानिवृत्त कर्मचारी लंबे समय से पेंशन, ग्रेच्युटी, एरियर और महंगाई भत्ते से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
रिटायर्ड कर्मचारियों का DA बढ़ा, अब मिलेगा 58%
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, DA में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी से पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलेगी। वहीं, लंबित पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के मामलों को भी चरणबद्ध तरीके से निपटाने की प्रक्रिया जारी है।
42 में से 15 कर्मचारियों को 90% अंतरिम पेंशन
विश्वविद्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हाल के वर्षों में सेवानिवृत्त हुए 42 प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों में से 15 को 90 प्रतिशत अंतरिम पेंशन स्वीकृत की गई है और उसका भुगतान भी किया जा रहा है।
वहीं, 15 अन्य पेंशन प्रकरण स्थानीय निधि संपरीक्षा संचालनालय को सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। इन मामलों में मंजूरी मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों की पेंशन शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा 12 पेंशन प्रकरण अभी स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं।
पेंशन में देरी की वजह क्या है?
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कुछ मामलों में नियुक्ति की सेवा शर्तों और उनके अनुपालन को लेकर तकनीकी विसंगतियां सामने आई हैं। इसी वजह से लेखा नियंत्रक और स्थानीय निधि संपरीक्षा संचालनालय की ओर से आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
इन मामलों का अंतिम समाधान होने तक रिटायर्ड कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए 90 प्रतिशत अंतरिम पेंशन देने का फैसला किया गया है।
नियमों पर सरकार से मांगा गया मार्गदर्शन
जिन मामलों में नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, उन्हें अंतिम निर्णय के लिए राज्य शासन के पास भेजा गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, सरकार से मार्गदर्शन मिलने के बाद लंबित मामलों का स्थायी समाधान किया जाएगा।
आंदोलन के बीच आया विश्वविद्यालय का फैसला
सेवानिवृत्त प्राध्यापक और कर्मचारी लंबे समय से पेंशन, ग्रेच्युटी, एरियर और DA से जुड़ी मांगें उठा रहे हैं। इसी बीच विश्वविद्यालय का DA बढ़ाने का फैसला उनके लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, पेंशन और अन्य लंबित भुगतान के कई मामलों में अभी सत्यापन और शासन के मार्गदर्शन का इंतजार है। ऐसे में रिटायर्ड कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर है कि बाकी लंबित मामलों का समाधान कब तक होता है और नियमित पेंशन व अन्य देय राशि का भुगतान कब शुरू होता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पात्र कर्मचारियों के मामलों को नियमानुसार जल्द से जल्द निपटाने का प्रयास किया जा रहा है।



