सीएम विजय की मां पर कथित टिप्पणी से घिरे BJP प्रदेश अध्यक्ष, DGP से शिकायत; कार्रवाई की मांग

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और उनकी मां को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन विवादों में घिर गए हैं। नागेंद्रन के खिलाफ तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कथित बयान को मुख्यमंत्री विजय और उनकी मां के खिलाफ अपमानजनक और मानहानिकारक बताया गया है। इसके साथ ही पुलिस से उस कार्यक्रम की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है, ताकि मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ या उनके गायब होने की आशंका न रहे।
सीएम विजय की मां पर टिप्पणी का आरोप, DGP से शिकायत
शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की जांच करने और बयान की परिस्थितियों को रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापित करने की मांग की है। साथ ही मानहानि और सार्वजनिक आचरण से जुड़े प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल यह मामला शिकायत के स्तर पर है। कथित टिप्पणी और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस जांच का परिणाम सामने आना बाकी है।
‘कुट्टी कथाई’ वाले बयान के बाद बढ़ा विवाद
विवाद की शुरुआत शनिवार को चेन्नई स्थित बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में नैनार नागेंद्रन के बयान से हुई। बताया जा रहा है कि नागेंद्रन मुख्यमंत्री विजय के विधानसभा में दिए गए एक बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
विजय ने विधानसभा में ‘कुट्टी कथाई’ यानी छोटी कहानी के जरिए डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन पर राजनीतिक तंज किया था। इसी दौरान उन्होंने ‘पिता’ शब्द का भी संदर्भ दिया था।
इसके जवाब में नैनार नागेंद्रन ने कथित तौर पर कहा कि जिसे यह जानना है कि उसका पिता कहां है, उसे विधानसभा में इसका जवाब तलाशने के बजाय घर जाकर अपनी मां से पूछना चाहिए।
शिकायतकर्ता ने इसी कथित टिप्पणी को मुख्यमंत्री विजय और उनकी मां के प्रति अपमानजनक बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
बयान के बाद राजनीतिक मर्यादा पर छिड़ी बहस
नैनार नागेंद्रन के कथित बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मामला अब केवल बीजेपी और मुख्यमंत्री विजय के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक भाषा और व्यक्तिगत हमलों को लेकर भी बहस शुरू हो गई है।
आलोचकों का कहना है कि राजनीतिक विरोध में सरकार की नीतियों और नेताओं के फैसलों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन नेताओं के परिवार को व्यक्तिगत टिप्पणियों में शामिल करने से राजनीतिक विवाद और बढ़ सकता है।
BJP के अंदर से भी उठी आपत्ति
नैनार नागेंद्रन के बयान को लेकर बीजेपी के भीतर से भी आलोचना सामने आने की बात कही जा रही है। तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताई।
अन्नामलाई ने कहा कि राजनीतिक दलों को सरकार और उसकी नीतियों पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। हालांकि, किसी राजनीतिक नेता के परिवार, विशेष रूप से उसकी मां को व्यक्तिगत हमले में घसीटना राजनीतिक मर्यादा की सीमा पार करने जैसा है।
उनके इस रुख के बाद बीजेपी के भीतर भी इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
तमिलनाडु सरकार ने भी जताई नाराजगी
तमिलनाडु सरकार की ओर से भी नागेंद्रन की टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है। मंत्री राजमोहन ने कथित बयान को असभ्य और अनुचित बताया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय लगातार अपने सहयोगियों से राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील करते रहे हैं। खासतौर पर तब, जब राजनीतिक नेताओं को उकसावे या व्यक्तिगत टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है।
विजय और BJP के बीच पहले भी होती रही है बयानबाजी
मुख्यमंत्री विजय और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव कोई नया नहीं है। अप्रैल 2026 में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई।
विजय ने विधानसभा में ‘कुट्टी कथाई’ सुनाते हुए डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन के संदर्भ में राजनीतिक तंज किया था। उनके बयान को कोलाथुर सीट से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा गया।
विजय के बयान की उस समय कई राजनीतिक दलों ने आलोचना की थी। इसके जवाब में एमके स्टालिन ने कहा था कि भले ही वह विधानसभा में नहीं हैं, लेकिन लोगों के दिलों में उनकी जगह बनी हुई है।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर
नैनार नागेंद्रन के खिलाफ DGP से की गई शिकायत के बाद अब मामले में पुलिस की भूमिका अहम हो गई है। शिकायतकर्ता ने कार्यक्रम की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की है, ताकि कथित बयान की वास्तविकता और संदर्भ की जांच की जा सके।
अगर पुलिस शिकायत पर औपचारिक जांच आगे बढ़ाती है, तो कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल मुख्यमंत्री विजय की मां को लेकर कथित टिप्पणी ने तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और व्यक्तिगत हमलों की सीमा को लेकर बहस तेज हो गई है।



