ब्रह्मोस से लैस INS दूनागिरी नेवी में शामिल, INS अग्रय और INS संशोधक भी कमीशंड
पीएम मोदी बोले- भारत मजबूत मैरीटाइम इकोसिस्टम बना रहा

दिल्ली। कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर शनिवार को भारतीय नौसेना ( BrahMos) को तीन अत्याधुनिक स्वदेशी युद्धपोत सौंपे गए।
एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट INS दूनागिरी, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट INS अग्रय और सर्वे वेसल INS संशोधक को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया गया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि भारत केवल रक्षा उपकरणों का खरीदार नहीं, बल्कि निर्माता बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
डिजाइन, निर्माण और तकनीकी विकास भारत में हुआ
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन जहाजों का डिजाइन, निर्माण और तकनीकी विकास भारत ( BrahMos) में हुआ है। इसमें भारतीय इंजीनियरों की प्रतिभा और मेहनत शामिल है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के तहत देश एक मजबूत मैरीटाइम इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जो भविष्य में भारत की रणनीतिक ताकत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
INS दूनागिरी प्रोजेक्ट-17A का पांचवां स्टील्थ फ्रिगेट है। इसे ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों से लैस किया गया है। यह दुश्मन के रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम है। इसमें हेलिकॉप्टर संचालन की सुविधा भी मौजूद है।
सर्वे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा
वहीं INS संशोधक का मुख्य कार्य समुद्री सर्वेक्षण और हाइड्रोग्राफिक डेटा संग्रह ( BrahMos) करना है। यह समुद्र की गहराई मापने, नौवहन मार्गों का नक्शा तैयार करने और बंदरगाहों के सर्वे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
INS अग्रय को विशेष रूप से दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है।
यह उन्नत सोनार सिस्टम, हल्के टॉरपीडो और स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर से लैस है। इसकी साइलेंट ऑपरेशन तकनीक इसे दुश्मन की निगरानी से बचाने में मदद करती है।
इन तीनों युद्धपोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा, निगरानी और युद्धक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

