राजधानी में आज CJP की तिरंगा रैली, 25 हजार जवान तैनात; दीपके बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरता

दिल्ली। दिल्ली में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन करने की तैयारी में है।
रैली के मद्देनजर नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में 25 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। कनॉट प्लेस और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। वहीं, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने से प्रदर्शन को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई है। उन्होंने गुरुवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि दिल्ली पुलिस उन्हें गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर सकती है। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
दीपके ने कहा कि वह पुलिस कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा फहराने के लिए अगर जेल जाना पड़ेगा, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि वह यहां बैठे हैं और पुलिस चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
CJP की रैली का प्रमुख उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है। इसके अलावा पार्टी आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का विरोध कर रही है। पार्टी का कहना है कि तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने जैसी गतिविधियों के लिए नागरिकों को रोका नहीं जाना चाहिए।
दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आशुतोष और सौरव ने तिरंगा फहराया था, फिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने पूछा कि पुलिस कैसे तय करेगी कि कौन तिरंगा फहरा सकता है और कौन नहीं। उनके मुताबिक, हर नागरिक को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर मिलना चाहिए।
हालांकि, रैली को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। ऐसे में प्रदर्शनकारी किस स्थान पर एकत्र होंगे और कार्यक्रम किस रूप में आयोजित किया जाएगा, इस पर सबकी नजर है।
सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद
रैली से पहले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। परिषद ने इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए हैं। इस फैसले के कारण प्रस्तावित रैली के आयोजन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से प्रशासन के आदेशों का पालन करने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने के लिए चुनिंदा लोगों को किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थान पर अनुमति देने की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए क्या व्यवस्था तय होगी, यह स्पष्ट नहीं है।
दोपहर 3 बजे से ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि दोपहर 3 बजे से कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हो सकता है। जरूरत पड़ने पर वाहनों को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और निर्धारित समय से अतिरिक्त वक्त लेकर निकलें। कनॉट प्लेस जाने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
तीन दिन में दो बार हिरासत में लिए गए पार्टी नेता
CJP के नेताओं को लेकर पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में गतिविधियां तेज हैं। पार्टी के नेताओं को तीन दिनों के भीतर दो बार हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद शुक्रवार को प्रस्तावित तिरंगा रैली को लेकर पार्टी और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
अभिजीत दीपके फिलहाल दिल्ली के मोतिया खान इलाके में ठहरे हुए हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कहा है कि वह अपने अभियान से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि तिरंगा फहराना किसी नागरिक के लिए डर का विषय नहीं होना चाहिए।
मुंबई में भी तिरंगा प्रदर्शन
CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान के तहत मुंबई में भी शुक्रवार को प्रदर्शन प्रस्तावित है। मुंबई पुलिस ने पार्टी को आजाद मैदान में तिरंगा प्रदर्शन करने की अनुमति दी है। ऐसे में अभियान का दायरा दिल्ली से बाहर भी बढ़ता नजर आ रहा है।
फिलहाल दिल्ली में रैली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। एक ओर पार्टी अपने प्रदर्शन पर अडिग है, वहीं दूसरी ओर निषेधाज्ञा, सेंट्रल पार्क बंद होने और ट्रैफिक डायवर्जन के चलते प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि CJP तय कार्यक्रम के मुताबिक रैली कर पाती है या प्रशासन की पाबंदियों के बीच प्रदर्शन का स्वरूप बदलता है।



