CM Helpline 1076: राशन नहीं मिला या बाबू ने मांगी रिश्वत? सीधे मुख्यमंत्री से करें शिकायत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की जनता के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर (CM Helpline 1076 ) सामने आई है। यदि आपको सरकारी डिपो से राशन नहीं मिल रहा है, आपके वार्ड या मोहल्ले में साफ-सफाई नहीं हो रही है, बुजुर्गों की पेंशन बिना वजह रोक दी गई है या फिर किसी सरकारी दफ्तर का बाबू आपके जायज काम के बदले रिश्वत की मांग कर रहा है, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ सरकार ने आम जनता की ऐसी ही गंभीर समस्याओं और शिकायतों के सीधे निवारण के लिए Chhattisgarh CM Helpline 1076 सेवा की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इस नई हेल्पलाइन के जरिए अब प्रदेश के किसी भी कोने में बैठा आम नागरिक सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक अपनी बात और शिकायत पहुंचा सकेगा।
9 जून से एक्टिव हुई नई हेल्पलाइन व्यवस्था
छत्तीसगढ़ में सुशासन को मजबूत करने और आम जनता की समस्याओं को बिना किसी बिचौलिए के सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए इस क्रांतिकारी कदम की शुरुआत की गई है। 9 जून से Chhattisgarh CM Helpline 1076 को पूरी तरह से एक्टिव कर दिया गया है। रायपुर सहित पूरे प्रदेश के लोग अब इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा प्रशासन ने इस पूरी व्यवस्था को डिजिटल करते हुए एक समर्पित वेब पोर्टल cmhelpline.cg.gov.in भी लाइव कर दिया है, जहां लोग सबूतों या दस्तावेजों के साथ अपनी शिकायत ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं।
इन गंभीर समस्याओं पर तुरंत होगी कार्रवाई
अक्सर देखा जाता है कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। अब नई व्यवस्था के तहत नीचे दी गई समस्याओं पर मुख्यमंत्री सचिवालय सीधे संज्ञान लेगा:
- राशन और खाद्य सुरक्षा: यदि कोटेदार राशन देने में मनमानी कर रहा हो या राशन कार्ड से जुड़ी कोई समस्या हो।
- पेंशन और सामाजिक सुरक्षा: बुजुर्गों, विधवाओं या दिव्यांगों की रुकी हुई पेंशन का मामला।
- भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी: सरकारी अधिकारियों या कर्मचारियों द्वारा काम के बदले पैसों की मांग करना।
- पुलिस और कानून व्यवस्था: थाने में पुलिस द्वारा एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं करना या सुनवाई न होना।
- नागरिक सुविधाएं: वार्डों में कचरा न उठना, सफाई व्यवस्था का ठप होना, बिजली-पानी की किल्लत आदि।
- कमजोर वर्गों का उत्पीड़न: बुजुर्गों या असहाय लोगों को परेशान किए जाने से जुड़े मामले।
वेबसाइट पर ऐसे दर्ज होगी शिकायत
यदि कोई नागरिक डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहता है, तो उसे सरकार के आधिकारिक पोर्टल https://cmhelpline.cg.gov.in पर जाना होगा। इसकी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है:
- पोर्टल पर जाते ही यूजर को अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
- मोबाइल नंबर डालते ही एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा।
- ओटीपी वेरिफाई करते ही शिकायत दर्ज करने का डैशबोर्ड खुल जाएगा।
- इसके बाद नागरिक संबंधित विभाग का चयन कर अपनी शिकायत विस्तार से लिख सकते हैं और साथ ही सहायक दस्तावेज या फोटो भी अपलोड कर सकते हैं।
शिकायत को ट्रैक करने की मिलेगी सुविधा, समय-सीमा तय
इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शिकायत दर्ज होते ही पीड़ित व्यक्ति को एक यूनिक आईडी मिलेगी। नागरिक अपने मोबाइल नंबर के जरिए कभी भी अपनी शिकायत का स्टेटस (Track Status) देख सकेंगे कि उनका मामला इस समय किस अधिकारी के पास लंबित है। इसके अलावा, आम जनता फोन पर भी अपनी शिकायत की प्रगति की जानकारी मांग सकती है। सरकार ने इस हेल्पलाइन को ’24×7′ यानी चौबीसों घंटे चालू रखने का फैसला किया है। हर एक शिकायत के समाधान के लिए एक निश्चित समय-सीमा (Timeline) तय की गई है, जिसके भीतर संबंधित अधिकारी को जवाब देना ही होगा।
क्यों पड़ी इस नई हेल्पलाइन की जरूरत?
दरअसल, इससे पहले रायपुर नगर निगम और अन्य निकायों में स्थानीय स्तर की जनसमस्याओं जैसे बिजली, पानी और सड़क के समाधान के लिए ‘निदान 1100’ हेल्पलाइन शुरू की गई थी। लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही और उदासीन रवैये के चलते ‘निदान 1100’ पर आने वाली शिकायतों का सही समय पर निपटारा नहीं हो पा रहा था। जनता का भरोसा इस पुरानी व्यवस्था से धीरे-धीरे उठने लगा था।
हाल ही में रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने जनता को त्वरित राहत देने के लिए एक नया कंट्रोल रूम बनाकर चार अलग-अलग मोबाइल नंबर (9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594) भी जारी किए थे। लेकिन पूरे प्रदेश की जनता को एक ही मंच पर लाने और बड़े स्तर के मामलों (जैसे रिश्वतखोरी और पुलिस निष्क्रियता) पर नकेल कसने के लिए एक केंद्रीकृत प्रणाली की कमी महसूस हो रही थी। इसी कमी को दूर करने के लिए अब सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय की निगरानी में इस नई हेल्पलाइन को लॉन्च किया गया है।
सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय करेगा मॉनिटरिंग
Chhattisgarh CM Helpline 1076 के शुरू होने से सबसे बड़ा बदलाव प्रशासनिक जवाबदेही में देखने को मिलेगा। चूंकि इस पूरी व्यवस्था की सीधी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री सचिवालय (CM Secretariat) द्वारा की जा रही है, इसलिए अब निचले स्तर के अधिकारी शिकायतों को ठंडे बस्ते में नहीं डाल पाएंगे। तय समय के भीतर काम न करने वाले या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सीधे गाज गिर सकती है। सरकार का उद्देश्य इसके माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता लाना और प्रदेश के हर नागरिक को यह भरोसा दिलाना है कि उनकी समस्याओं को सुनने और सुलझाने के लिए राज्य का सर्वोच्च कार्यालय पूरी तरह मुस्तैद है।

