कोचिंग सेंटरों की होगी जांच, विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: सीएम विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दो दिवसीय दिल्ली दौरे से लौटने के बाद कहा कि प्रदेश के सभी कोचिंग सेंटरों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने मुख्य सचिव को सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। यह फैसला हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर के विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। इसके अलावा उन्होंने जेपी नड्डा से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना की मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र से आच्छादित है और यहां बड़ी मात्रा में औषधीय जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। ऐसे में आयुर्वेद आधारित शोध और उपचार को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना जरूरी है।
आपातकाल की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री साय ने 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” बताया। उन्होंने कहा कि 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर असर पड़ा था। नई पीढ़ी को उस दौर की जानकारी देने के लिए इसे शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
यूपीएससी की तैयारी कर रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली स्थित राज्य के यूथ हॉस्टल का अच्छा परिणाम सामने आया है। वहां रहकर पढ़ाई करने वाले 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास की है और अब उनकी मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

