Follow Us on Our Social Media
Chhattisgarh

स्कूल खाते से 1.12 करोड़ का ट्रांजेक्शन: मोबाइल गुम होते ही ठगों ने 100 से ज्यादा खातों में भेजी रकम

कोलकाता में गुम हुआ था संचालक का मोबाइल, खाते में बचे सिर्फ 29 रुपए; सरकंडा पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच डायरी कोलकाता भेजी

बिलासपुर। बिलासपुर के प्रयास पब्लिक स्कूल के बैंक खाते का साइबर ठगों (CYBER CRIME) ने म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर 1.12 करोड़ रुपए का लेनदेन किया।

जालसाजों ने रकम 100 से ज्यादा बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। स्कूल संचालक का मोबाइल 10 अगस्त को कोलकाता में गुम हुआ था। इसके बाद बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और बैंकिंग सेवाओं का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।

संचालक को 17 अगस्त को ई-मेल चेक करने पर संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। शिकायत के बाद सरकंडा पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच डायरी कोलकाता भेज दी है।

पहले 800 रुपए का ट्रायल, फिर 1.12 करोड़ का लेनदेन

राजकिशोर नगर निवासी डॉ. सचिन यादव प्रयास पब्लिक स्कूल (CYBER CRIME) के संचालक हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 10 अगस्त को कोलकाता के न्यू मार्केट थाना क्षेत्र में धरमतला के पास उनका जियो सिम लगा मोबाइल गुम हो गया था। काफी तलाश के बाद भी फोन नहीं मिला। सिम बंद कराने के लिए वे सेवा केंद्र पहुंचे, लेकिन पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं होने के कारण सिम तत्काल बंद नहीं हो सका।

स्कूल का आईसीआईसीआई बैंक खाता इसी मोबाइल नंबर से लिंक था। 16 अगस्त को डॉ. यादव ने पुराना नंबर दोबारा जारी कराया। अगले दिन ई-मेल देखने पर उन्हें खाते में संदिग्ध लेनदेन का पता चला।

बैंक रिकॉर्ड के मुताबिक, 14 अगस्त को खाते से पहले 800 रुपए का ट्रायल ट्रांजेक्शन किया गया। इसके बाद करीब 1.12 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ और रकम 100 से अधिक बैंक खातों में भेज दी गई। स्कूल संचालक के अनुसार, घटना से पहले खाते में सिर्फ 181 रुपए थे। ट्रांजेक्शन के बाद इसमें 29 रुपए ही बचे।

म्यूल अकाउंट बनाकर रकम खपाने का संदेह

साइबर अपराध में ठगी से हासिल रकम को दूसरे खातों में पहुंचाने के लिए जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है, उन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है। बिलासपुर के इस मामले में भी स्कूल के खाते का इस्तेमाल इसी तरह किए जाने की आशंका है। हालांकि, खाते तक ठगों की पहुंच कैसे बनी और रकम किन खातों में भेजी गई, इसकी पुष्टि जांच के बाद होगी।

पुलिस को यह भी पता लगाना है कि मोबाइल गुम होने के बाद जालसाजों ने बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल किस तरह किया। रकम प्राप्त करने वाले खातों के धारकों और ट्रांजेक्शन की कड़ियों की जांच से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

सरकंडा पुलिस ने दर्ज किया केस

डॉ. सचिन यादव की शिकायत पर सरकंडा पुलिस (CYBER CRIME) ने अपराध दर्ज किया है। मोबाइल गुम होने की घटना कोलकाता में हुई थी, इसलिए जांच डायरी वहां भेजी गई है। मामले में बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर के इस्तेमाल और रकम प्राप्त करने वाले खातों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

एएसपी सिटी पंकज पटेल ने सलाह दी है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत सिम ब्लॉक कराएं और बैंक के साथ पुलिस को भी सूचना दें। मोबाइल से बैंकिंग और यूपीआई सेवाएं जुड़ी होने पर देरी से आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।

मोबाइल गुम हो तो तुरंत करें ये काम

मोबाइल खोने पर टेलीकॉम कंपनी से संपर्क कर सिम बंद कराएं। बैंक को सूचना देकर मोबाइल नंबर से जुड़ी बैंकिंग सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलते ही तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

इस मामले में अब पुलिस की जांच से पता चलेगा कि 1.12 करोड़ रुपए का लेनदेन किसने किया और रकम आखिर कहां पहुंची।

Follow Us on Our Social Media

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button