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Chhattisgarh

महंगाई, धान खरीदी और बिजली बिल को लेकर दीपक बैज का सरकार पर हमला, बोले- आम जनता पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ती महंगाई, यात्री बस किराए में वृद्धि, पटवारियों की हड़ताल, कौशल्या माता धाम में भगवान राम की प्रतिमा और बिजली बिल को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के फैसलों से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने आदिवासी विभाग का नाम बदलने के फैसले का भी विरोध किया।

महंगाई को लेकर सरकार पर साधा निशाना

दीपक बैज ने कहा कि सप्ताह की शुरुआत से ही चावल, दाल और अन्य राशन सामग्री के दाम बढ़ाए गए हैं। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। उन्होंने यात्री बस किराए में वृद्धि पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि एक साल में दो बार किराया बढ़ाया गया है और कुल वृद्धि 75 प्रतिशत से अधिक रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना के तहत राशि देकर सरकार दूसरे माध्यमों से आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।

धान खरीदी से पहले पटवारियों की हड़ताल पर चिंता

नवंबर से प्रस्तावित धान खरीदी से पहले पटवारियों के हड़ताल पर जाने को लेकर बैज ने सरकार से तत्काल बातचीत कर हड़ताल समाप्त कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी ऐसी स्थिति बनी थी, जिसके कारण कई किसान धान नहीं बेच पाए थे।

बैज ने आरोप लगाया कि सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि धान खरीदी के दौरान किसानों को परेशानी न हो।

कौशल्या माता धाम में राम की प्रतिमा को लेकर सवाल

कौशल्या माता धाम में भगवान राम की नई प्रतिमा अब तक स्थापित नहीं किए जाने पर दीपक बैज ने सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब प्रतिमा तैयार है, तो उसे अब तक स्थापित क्यों नहीं किया गया? सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।

बैज ने दावा किया कि प्रतिमा बदलने का निर्णय कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लिया गया था और उसी दौरान प्रतिमा तैयार कराई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम और गौ माता के नाम पर राजनीति कर रही है। मंदिरों में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।

आदिवासी विभाग का नाम बदलने का विरोध

आदिवासी विभाग का नाम बदलकर जनजाति विभाग किए जाने को लेकर बैज ने विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को आदिवासी समाज के प्रति अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और नाम बदलने का फैसला तत्काल वापस लेना चाहिए।

बिजली बिल में बढ़ोतरी पर तत्काल राहत की मांग

बिजली बिल को लेकर भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि सालभर में दो बार बिजली दरें बढ़ाई गई हैं और इस बार कई उपभोक्ताओं के बिल में 600 से 1,000 रुपये तक अतिरिक्त राशि जुड़कर आई है।

बैज ने बढ़े हुए बिजली बिलों को तत्काल कम करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोयले सहित बिजली उत्पादन के पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद दूसरे राज्यों से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से बिजली व्यवस्था में सुधार करने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।

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