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जन औषधि केंद्र में लापरवाही पर सख्त हुई दिल्ली सरकार, मुख्यमंत्री ने लाइसेंस रद्द करने के दिए संकेत

दिल्ली में जन औषधि केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आए एक वायरल वीडियो के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जनसेवा से जुड़े किसी भी संस्थान में लापरवाही या असंवेदनशील व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने के बाद मामले का संज्ञान लिया गया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वायरल वीडियो के बाद लिया गया संज्ञान

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दावा किया गया कि दवाई लेने पहुंचे लोगों को फर्श पर पोछा लगने का हवाला देकर लंबे समय तक इंतजार कराया गया। वीडियो में कुछ कर्मचारी कथित तौर पर लोगों से यह कहते भी सुनाई दिए कि वे वीडियो जहां चाहें भेज सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दवाई जैसी आवश्यक सेवा देने से इनकार करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने संकेत दिए कि संबंधित वेंडर का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और मामले में जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आम नागरिकों की शिकायतें और जन पत्रकारिता सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं तथा ऐसी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।

राइट टू सर्विस कानून का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार के प्रस्तावित ‘राइट टू सर्विस’ कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था लागू कर रही है, जिसके तहत नागरिकों को तय समय सीमा में सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई अधिकारी बिना उचित कारण निर्धारित समय में सेवा उपलब्ध नहीं कराता है, तो उस पर प्रतिदिन आर्थिक दंड लगाया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करना है, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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