कोलियारी में अतिक्रमण नोटिस से बढ़ी चिंता, प्रशासन ने कहा- मकान नहीं, सिर्फ सरकारी जमीन पर बने निर्माण हटेंगे

धमतरी जिले के कोलियारी गांव में अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस जारी होने के बाद ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। कई परिवारों को आशंका है कि उनके मकानों पर बुलडोजर चल सकता है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आवासीय मकान को नहीं हटाया जाएगा। कार्रवाई केवल शासकीय भूमि पर घरों के अलावा बनी बाड़ियां, बाउंड्रीवाल और अन्य अवैध निर्माण तक सीमित रहेगी।
करीब दो हजार की आबादी वाले इस गांव में 50 से अधिक परिवार स्वयं को इस कार्रवाई से प्रभावित मान रहे हैं। नोटिस में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने की चेतावनी दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने बैठकें शुरू कर दी हैं। कई लोगों का कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से यहां रह रहे हैं, जबकि कुछ परिवार दो दशक से अधिक समय से बसे हुए हैं। गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान भी मौजूद हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल और अन्य सरकारी दस्तावेज इसी पते पर बने हैं। उनका दावा है कि वे वर्षों से करों का भुगतान भी कर रहे हैं और उनके पूर्वज भी इसी स्थान पर रहते आए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति विशेष को अलग से नोटिस नहीं दिया गया, बल्कि केवल सार्वजनिक सूचना चस्पा की गई।
इस बीच स्थानीय विधायक ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और अधिकारियों से चर्चा के बाद भरोसा दिलाया कि लोगों के मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं, वहां कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन सरकारी भूमि पर नए अतिक्रमण को भी बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।
प्रशासन ने बताया कि किसी निजी संस्था को जमीन देने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कौशल विकास विभाग की ओर से शासकीय भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसके तहत खाली सरकारी जमीन की पहचान की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार खसरा नंबर 905, 906 और 907 शासकीय भूमि के रूप में दर्ज हैं और इन्हीं अभिलेखों के आधार पर जांच की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा है कि फिलहाल किसी भी परिवार को बेघर करने की कोई योजना नहीं है। केवल शासकीय भूमि को सुरक्षित रखने और भविष्य की सरकारी आवश्यकताओं के लिए खाली भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

