यूपी-बिहार में बाढ़ से हालात बिगड़े: 14 शहरों में पानी, बिहार के 6 जिलों में 2 लाख प्रभावित

दिल्ली। उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून (mausam) की विदाई से पहले बारिश और बाढ़ का असर बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के 14 शहरों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बारिश थमने के बावजूद गंगा, शारदा समेत 15 नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। लखनऊ में गोमती और सई नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में करीब 5 फीट तक पानी भर गया है। बाराबंकी में स्कूलों और मंदिरों तक पानी पहुंच गया है। वहीं गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और करीब 30 गांव टापू में बदल गए हैं।
बिहार में नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद गंडक और कोसी समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। राज्य के 6 जिलों में करीब 2.03 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सारण के तरैया प्रखंड में रिंग बांध टूटने से कई गांवों में पानी भर गया। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए वायु सेना से मदद मांगी है।
यूपी में कई इलाकों में जलभराव
उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद नदियों (mausam) का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कई इलाकों में खेत और सड़कें पानी में डूबी हैं। गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का पानी आसपास के गांवों तक पहुंचने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बाराबंकी में भी निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्कूल और धार्मिक स्थल भी पानी से प्रभावित हुए हैं।
लखनऊ में गोमती और सई नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
बिहार में 6 जिलों के 2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
नेपाल में भारी बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। गंडक और कोसी समेत कई नदियों में पानी बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। करीब 2.03 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। सारण में रिंग बांध टूटने के बाद कई गांवों में पानी भर गया। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सामान उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त मदद मांगी है।
हिमाचल में 6-7 अक्टूबर को तेज बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 6 और 7 अक्टूबर (mausam) को मैदानी इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई है। पहाड़ी क्षेत्रों में पहले हुई बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। केदारनाथ में करीब एक सप्ताह पहले हुई बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। उत्तरकाशी में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहे और बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी हुई।
MP में मानसून की विदाई करीब
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई अगले 2 से 3 दिनों में होने की संभावना है। अगले तीन दिन कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, हालांकि भारी बारिश का अनुमान नहीं है। मौसम में बदलाव के साथ दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगा है।
राजस्थान में बारिश कम, दिन में गर्मी बरकरार
राजस्थान में इस मानसून सामान्य से करीब 22% कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के बाद दिन में गर्मी बढ़ रही है। कुछ इलाकों में तापमान करीब 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जबकि रात में हल्की ठंडक महसूस हो रही है। शुक्रवार को बीकानेर में बारिश की संभावना जताई गई है।



