नाबालिग से दुष्कर्म में जीआरपी ने आरोपी को किया गिरफ्तार
हसदेव एक्सप्रेस से लापता हुई थी 17 वर्षीय किशोरी

बिलासपुर। रेल पुलिस को नाबालिग(minor)से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। विशेष पॉक्सो न्यायालय ने मामले के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है। रेल पुलिस ने इसे अपनी प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी का परिणाम बताया है।
जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई 2025 को एक परिवार ने जीआरपी बिलासपुर में अपनी 17 वर्षीय नाबालिग(minor) बेटी के हसदेव एक्सप्रेस से लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और व्यापक जांच के आधार पर पीड़िता को झारखंड के साहिबगंज से सुरक्षित बरामद किया।
जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी सूरज कुमार मंडल नाबालिग(minor) को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की।
मामले की सुनवाई बिलासपुर स्थित फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 3 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर कड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।

