मोबाइल लेकर जेल में घुसने से रोका तो प्रहरी से मारपीट, पुलिस ने आरोपी पर दर्ज किया केस

बिलासपुर। बिलासपुर केंद्रीय जेल में मोबाइल (mobile) फोन लेकर प्रवेश करने से रोकने पर जेल प्रहरी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना जेल के टेलीफोनिक केंद्र के पास की है। यहां ड्यूटी पर तैनात प्रहरी ने एक युवक को मोबाइल फोन के साथ अंदर जाने से रोका था।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर युवक ने प्रहरी के साथ झूमाझटकी और मारपीट की। इस दौरान प्रहरी को जमीन पर पटक दिया गया। घटना के बाद जेल प्रशासन ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की है।
दरअसल, केंद्रीय जेल बिलासपुर के टेलीफोनिक केंद्र में बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों के लिए फोन (mobile) पर बात करने की व्यवस्था है। जेल प्रशासन के मुताबिक, इस क्षेत्र में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। मोबाइल से जेल परिसर या बंदियों से संबंधित वीडियो बनाए जाने और उनके सोशल मीडिया पर वायरल होने की घटनाओं को देखते हुए बाहरी लोगों के मोबाइल फोन लेकर अंदर जाने पर रोक है।
गुरुवार दोपहर टेलीफोनिक केंद्र के पास जेल प्रहरी पुरुषोत्तम पोट्टा ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान देवनगर कोनी निवासी शंभू यादव, विनोबा नगर निवासी श्रेयांश सिंह सहित अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि शंभू यादव मोबाइल फोन लेकर टेलीफोनिक केंद्र के अंदर जाने का प्रयास कर रहा था। प्रहरी पुरुषोत्तम पोट्टा ने उसे रोककर मोबाइल के संबंध में पूछताछ की।
रोकने पर शुरू हुई कहासुनी
मोबाइल अंदर ले जाने से रोकने पर शंभू यादव और जेल प्रहरी के बीच विवाद शुरू हो गया। पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद मामला झूमाझटकी तक पहुंच गया। जेल प्रशासन की शिकायत के अनुसार, आरोप है कि शंभू यादव ने प्रहरी पुरुषोत्तम पोट्टा के साथ मारपीट की और उन्हें जमीन पर पटक दिया।
घटना के बाद जेल परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद संबंधित लोगों को कार्रवाई के लिए सिविल लाइन थाने भेजा गया। जेल प्रशासन ने पुलिस को घटना से संबंधित शिकायत और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
पुलिस ने शुरू की जांच
सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक, जेल प्रहरी की शिकायत के (mobile) आधार पर मामले में शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ ही पूरे विवाद के कारणों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।
जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी के मुताबिक, जेल परिसर में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत टेलीफोनिक केंद्र सहित संवेदनशील स्थानों पर आने-जाने वालों की निगरानी की जाती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
घटना के बाद केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जेल परिसर में मोबाइल फोन लेकर प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद युवक मोबाइल लेकर टेलीफोनिक केंद्र तक कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच की जा रही है। जेल प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि प्रवेश के दौरान मोबाइल की जांच क्यों नहीं हो सकी।
अधिकारियों के मुताबिक, जेल में प्रतिबंधित मोबाइल मिलने पर उसे जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपा जाता है। इस घटना के बाद सुरक्षा जांच और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।



