हाईकोर्ट के लंबित मामलों में जवाब नहीं देने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, 15 दिन की डेडलाइन तय

रायपुर। हाईकोर्ट में लंबे समय से लंबित मामलों में जवाब प्रस्तुत नहीं करने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई की जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों में 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के संचालनालय की ओर से सभी संयुक्त संचालकों, नगर निगम आयुक्तों और नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
बिलासपुर हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर सख्ती
विभाग ने पत्र में बताया है कि बिलासपुर हाईकोर्ट में राज्य शासन से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। इन प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को प्रभारी या सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है, लेकिन कई मामलों में अब तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है।
विभाग ने इसे प्रशासनिक दृष्टि से गंभीरता से लेते हुए जवाब दाखिल करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। साथ ही, जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने का कारण भी संबंधित अधिकारियों की ओर से स्पष्ट नहीं किया गया है।
15 दिन में जवाब दाखिल करने के निर्देश
अब सभी संबंधित प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि लंबित मामलों में 15 दिनों के भीतर जवाब अनिवार्य रूप से दाखिल कराया जाए। जवाब प्रस्तुत करने के बाद उसकी एक प्रति शासन और संचालनालय को भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग के इस निर्देश के बाद हाईकोर्ट में लंबित मामलों में जवाब दाखिल करने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।



