कब्र कितने साल बाद दोबारा इस्तेमाल होती है? कहीं 2 साल तो कहीं 50 साल तक के होते हैं नियम, जानिए अलग-अलग देशों की व्यवस्था

कब्र को आमतौर पर अंतिम आराम की जगह माना जाता है, लेकिन दुनिया के कई देशों में सीमित जमीन के कारण पुरानी कब्रों की जगह का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, ऐसा हर कब्र के साथ किसी तय समय पर अनिवार्य रूप से हो, यह जरूरी नहीं है। कब्र की अवधि और दोबारा इस्तेमाल के नियम देश, शहर, कब्रिस्तान और स्थानीय कानूनों के अनुसार अलग-अलग होते हैं।
कहीं कब्र की जगह कुछ वर्षों के लिए दी जाती है, तो कहीं 30, 50 साल या उससे भी अधिक अवधि के लिए अधिकार मिल सकता है। कुछ मामलों में स्थायी अधिकार की व्यवस्था भी होती है।
बांग्लादेश में दो साल बाद क्या होता है?
बांग्लादेश के कुछ सरकारी कब्रिस्तानों से संबंधित अकादमिक शोध के अनुसार, सामान्य कब्र के लिए दो साल की अवधि हो सकती है। अवधि पूरी होने के बाद उसी जगह का दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि दो साल पूरे होते ही हर कब्र को खोल दिया जाता है।
कुछ कब्रिस्तानों में परिवारों को लंबे समय के लिए कब्र आरक्षित कराने का विकल्प भी मिलता है। यह अवधि 15 या 25 साल तक हो सकती है। शहरों में बढ़ती आबादी और सीमित जमीन को देखते हुए ऐसी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं।
ग्रीस में करीब तीन साल बाद निकाले जा सकते हैं अवशेष
ग्रीस के कुछ कब्रिस्तानों में दफन के करीब तीन साल बाद अवशेष निकालने की प्रक्रिया सामान्य व्यवस्था का हिस्सा है। इसके बाद अवशेषों को छोटे अस्थि-डिब्बे या अस्थि-गृह में रखा जा सकता है।
इस व्यवस्था का एक प्रमुख कारण कब्रिस्तान की सीमित जगह का बेहतर इस्तेमाल करना है। निर्धारित अवधि के बाद पुरानी कब्र की जगह का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति के दफन के लिए किया जा सकता है।
फ्रांस में 5 से 50 साल तक की अलग-अलग व्यवस्था
फ्रांस में पूरे देश के लिए कब्र की अवधि का एक समान नियम नहीं है। सरकारी जानकारी के अनुसार, अलग-अलग स्थानीय प्रशासन के स्तर पर अलग-अलग अवधि की व्यवस्था हो सकती है।
कुछ जगहों पर 5 से 15 साल, जबकि कहीं 30 या 50 साल की अवधि के लिए कब्र का अधिकार दिया जा सकता है। कुछ परिस्थितियों में स्थायी अधिकार की व्यवस्था भी हो सकती है।
ब्रिटेन में 20 साल का कोई एक नियम नहीं
ब्रिटेन में भी यह कहना सही नहीं है कि हर कब्र को 20 साल बाद खोल दिया जाता है। वहां कब्र की जगह इस्तेमाल करने का अधिकार स्थानीय नियमों और कब्रिस्तान के प्रबंधन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
कुछ जगहों पर 20, 30, 40 या 50 साल की अवधि के लिए कब्र का अधिकार दिया जाता है। जमीन की कमी वाले कुछ क्षेत्रों में पुरानी कब्रों के दोबारा इस्तेमाल की व्यवस्था भी मौजूद है।
अमेरिका में राज्य और स्थानीय नियम तय करते हैं व्यवस्था
अमेरिका में भी कब्रों को दोबारा इस्तेमाल करने का कोई एक राष्ट्रीय नियम नहीं है। नियम राज्य, स्थानीय प्रशासन और कब्रिस्तान के प्रकार के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए पूरे अमेरिका में 20 साल की कोई निश्चित सीमा बताना सही नहीं होगा।
क्या 8 साल में शरीर पूरी तरह खत्म हो जाता है?
यह कहना सही नहीं है कि आठ साल में हर शरीर पूरी तरह खत्म हो जाता है। जर्मनी की Hannover Medical School के एक वैज्ञानिक अध्ययन में 87 कब्रों से शव निकालने के मामलों का अध्ययन किया गया था। इनमें दफन की अवधि पांच दिन से लेकर 16.8 साल तक थी।
अध्ययन में करीब आठ साल बाद शरीर में काफी विघटन पाया गया, लेकिन कुछ मामलों में 16.8 साल बाद भी नरम ऊतक के अवशेष मिले। शरीर के विघटन की गति मिट्टी, तापमान, नमी, मौसम और दफन की परिस्थितियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।
इसलिए आठ साल को शरीर के पूरी तरह खत्म होने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं माना जा सकता।
कब्र दोबारा खोलने की वजह सिर्फ जमीन की कमी नहीं
कब्र दोबारा खोलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें कब्रिस्तान में जगह की कमी, स्थानीय नियमों के तहत दफन की अवधि पूरी होना और कब्र की जगह के इस्तेमाल से जुड़े अधिकार प्रमुख हैं। कुछ मामलों में कानूनी जांच के लिए भी शव को कब्र से बाहर निकाला जा सकता है।
इसलिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कब्र के दोबारा इस्तेमाल की व्यवस्था केवल धार्मिक परंपरा का विषय नहीं है। कई जगह यह कब्रिस्तान की सीमित जमीन, स्थानीय कानून और कब्र की जगह इस्तेमाल करने के अधिकार से जुड़ा प्रशासनिक मामला भी है।



