5 एकड़ जमीन पर अवैध प्लाटिंग पर निगम की कार्रवाई
जेसीबी से मुरम रोड काटकर अवैध प्लाटिंग पर लगाई रोक

रायपुर | रायपुर नगर निगम(Corporation) ने शहर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान तेज करते हुए बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। नगर निगम के जोन-10 की टीम ने बाबू जगजीवन राम वार्ड क्रमांक 53 के डुंडा क्षेत्र में करीब पांच एकड़ निजी भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को मौके पर पहुंचकर रोक दिया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से प्लॉट तक पहुंचने के लिए बनाई गई मुरम सड़क को काट दिया गया, वहीं निर्माण की शुरुआती नींव भी हटाई गई ताकि आगे किसी प्रकार का अवैध विकास कार्य नहीं हो सके।
नगर निगम(Corporation) के अधिकारियों के अनुसार, डुंडा स्थित ममता विहार के पास निजी भूमि पर बिना आवश्यक अनुमति के प्लॉट विकसित किए जाने की सूचना मिली थी। शिकायत मिलने के बाद नगर निवेश विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में प्रारंभिक तौर पर पाया गया कि भूमि पर प्लाटिंग की तैयारी की जा रही थी और इसके लिए पहुंच मार्ग सहित अन्य प्रारंभिक निर्माण कार्य किए गए थे। इसके बाद निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे काम पर रोक लगा दी।
कार्रवाई नगर निगम(Corporation) आयुक्त के निर्देश पर जोन-10 के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। मौके पर नगर निवेश विभाग, इंजीनियरिंग शाखा और अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने सबसे पहले अवैध रूप से बनाई गई मुरम सड़क को जेसीबी से हटाया, जिससे प्लॉटिंग क्षेत्र तक वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। इसके अलावा जमीन पर बनाई गई नींव को भी तोड़ दिया गया, ताकि निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सके।
नगर निगम का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संबंधित भूमि पर प्लाटिंग कराने वाला वास्तविक व्यक्ति या संस्था कौन है। इस कारण विभाग ने रायपुर तहसील कार्यालय से संबंधित भूमि के स्वामित्व की जानकारी मांगी है। तहसीलदार कार्यालय से रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद यह तय किया जाएगा कि अवैध प्लाटिंग के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या समूह के खिलाफ किस प्रकार की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध प्लाटिंग करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में यह साबित होता है कि बिना अनुमति के प्लॉट विकसित किए जा रहे थे, तो संबंधित लोगों के खिलाफ राज्य शासन के लागू नियमों और नगर नियोजन संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित पुलिस थाने में नामजद एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
जानकारी मिलते ही प्लाटिंगकर्ताओं पर दर्ज होगी नामजद FIR
नगर निगम का कहना है कि बिना वैधानिक अनुमति के विकसित होने वाली कॉलोनियां भविष्य में खरीदारों के लिए कई तरह की परेशानियां खड़ी करती हैं। ऐसे क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल, बिजली, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है। यही कारण है कि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है, ताकि आम नागरिक आर्थिक नुकसान से बच सकें।
प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी प्लॉट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। संबंधित भूमि का रिकॉर्ड, स्वीकृत लेआउट और आवश्यक अनुमति पत्र देखने के बाद ही जमीन की खरीद-फरोख्त करें। यदि कहीं अवैध प्लाटिंग या बिना अनुमति के कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना नगर निगम को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
नगर निगम का मानना है कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए अवैध प्लाटिंग पर सख्ती जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभिन्न जोनों में लगातार निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। डुंडा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की जांच और कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

