बेमेतरा में स्वामी आत्मानंद स्कूलों में LKG कक्षाएं तुरंत शुरू करने का आदेश, हाईकोर्ट ने कहा- क्षेत्रीय भेदभाव स्वीकार्य नहीं

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बेमेतरा जिले के स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंट इंग्लिश मीडियम स्कूलों में LKG कक्षाएं शुरू करने का आदेश दिया है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर आवश्यक व्यवस्था पूरी कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अभिभावकों ने हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
दरअसल, बेमेतरा जिले के ग्राम साजा निवासी सुदर्शन लोढ़ी, सूरज साहू, गोविंद पटेल, दकवार बंजारे, लालाराम सोनी, चंद्र प्रकाश, मुकेश सोनी, आत्माराम साहू, भारत साहू, ओम प्रकाश सोनी, सुनीला वर्मा और देकोराम ने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनके बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर और सामान्य आय वाले परिवारों से हैं। वे अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा दिलाने के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूलों में LKG में दाखिला दिलाना चाहते हैं, लेकिन बेमेतरा जिले में LKG की प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
बजट और स्टाफ की कमी का दिया गया था हवाला
याचिका में आरोप लगाया गया कि राज्य के अन्य जिलों में स्वामी आत्मानंद स्कूलों में LKG में प्रवेश दिए जा रहे हैं, जबकि बेमेतरा में जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रबंधन की ओर से बजट और स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की गई।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब राज्य सरकार ने सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा उपलब्ध कराने की नीति बनाई है, तो किसी एक जिले के बच्चों को इससे वंचित नहीं किया जा सकता।
चार सप्ताह में व्यवस्था पूरी करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह का क्षेत्रीय भेदभाव स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर आवश्यक व्यवस्था पूरी कर LKG में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार की ओर से डिप्टी एजी डॉ. सौरभ कुमार पांडेय ने तर्क दिया कि LKG स्तर पर RTE के अनिवार्य प्रावधान लागू नहीं होते। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और बच्चों को समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21-A के तहत समानता और शिक्षा के अधिकार का भी उल्लेख किया।


