भाजपा सरकार ने ढाई साल में कोई नई योजना शुरू नहीं की : दीपक बैज
IIM प्रशिक्षण पर कांग्रेस का तंज

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज(Deepak Baij) ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि पिछले ढाई साल में सरकार ने कोई नई जनकल्याणकारी योजना शुरू नहीं की, बल्कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कई योजनाओं को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के पास प्रदेश के विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन और रोडमैप नहीं है, जिसका नुकसान प्रदेश की जनता को उठाना पड़ रहा है।
दीपक बैज(Deepak Baij) ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं की देशभर में सराहना हुई थी। उन्होंने दावा किया कि उन योजनाओं का अध्ययन करने के लिए आईआईएम सहित विभिन्न संस्थानों के छात्र और शोधकर्ता छत्तीसगढ़ आते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने 17 योजनाओं को बंद कर दिया, जबकि करीब 20 योजनाओं को केवल नाम बदलकर जारी रखा है।
तीसरे चिंतन शिविर पर कांग्रेस का सवाल, पहले दो से क्या सीखा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार का यह तीसरा चिंतन शिविर है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले दो चिंतन शिविरों में सरकार ने क्या सीखा और उसे धरातल पर क्यों नहीं उतारा गया। उनके मुताबिक, राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है और जनता स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है।
दीपक बैज(Deepak Baij) ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ा है और सरकार कोई नई विकास परियोजना शुरू नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार नहीं मिला, शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई और किसानों तथा महिलाओं से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए।
सरकार चलाने का प्रशिक्षण ले रही भाजपा, जनता परेशान : दीपक बैज
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है और अब चिंतन शिविर के माध्यम से अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।
दीपक बैज ने दावा किया कि प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार से निराश है और सरकार की लोकप्रियता लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को अब आत्ममंथन के बजाय जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए।

