50% टैरिफ के खिलाफ भारत ने WTO में उठाई आवाज, अमेरिका से बातचीत की मांग

भारत ने अमेरिका की ओर से क्वार्ट्ज सरफेस प्रोडक्ट्स के आयात पर लगाए गए 50 प्रतिशत तक के टैरिफ-रेट कोटा के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन में कदम उठाया है। भारत ने WTO के समक्ष अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करने की मांग रखी है। यह टैरिफ-रेट कोटा 15 अगस्त से लागू हुआ है और चार साल तक प्रभावी रहने वाला है।
भारत ने 14 अगस्त को WTO को बताया कि इस मामले में उसका महत्वपूर्ण व्यापारिक हित जुड़ा हुआ है। साथ ही भारत ने दोनों देशों की सुविधा के अनुसार वर्चुअल माध्यम से बातचीत करने का प्रस्ताव दिया है। यह मांग WTO के सेफगार्ड्स एग्रीमेंट के तहत रखी गई है।
अमेरिका को करोड़ों डॉलर के उत्पाद निर्यात करता है भारत
भारत ने वित्त वर्ष 2026 में अमेरिका को करीब 380 मिलियन डॉलर के क्वार्ट्ज सरफेस प्रोडक्ट्स का निर्यात किया था। अमेरिका ने भारत के अलावा वियतनाम, स्पेन और थाईलैंड को इन उत्पादों के प्रमुख निर्यातकों के रूप में चिन्हित किया है।
अमेरिका की ओर से यह फैसला क्वार्ट्ज सरफेस प्रोडक्ट्स के आयात में बढ़ोतरी को लेकर की गई जांच के बाद लिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, आयात बढ़ने से घरेलू उद्योग को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 जुलाई को कई देशों से आने वाले क्वार्ट्ज सरफेस प्रोडक्ट्स पर 50 प्रतिशत तक का टैरिफ-रेट कोटा लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद भारत ने WTO के जरिए इस मामले में बातचीत का रास्ता अपनाया है।
यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अमेरिका के साथ टैरिफ से जुड़े मुद्दे पर WTO के तहत बातचीत की मांग की है। इससे पहले स्टील और एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल व ऑटो कंपोनेंट्स और कॉपर जैसे उत्पादों से जुड़े मामलों में भी भारत ने इसी तरह की पहल की है।
दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत जारी है। इस बीच अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर कई तरह की चिंताएं जताई गई हैं। ऐसे में क्वार्ट्ज सरफेस प्रोडक्ट्स पर नया टैरिफ दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव का एक और मुद्दा बन गया है।



