ईरान-अमेरिका संघर्ष: खाड़ी क्षेत्र में 25 भारतीयों की मौत का दावा, प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की मौत को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, कतर के रास लाफान में हुए एक विस्फोट में 12 भारतीयों की मौत के बाद इस संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों में जान गंवाने वाले भारतीयों की संख्या 25 बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, होर्मुज क्षेत्र में भी कई भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। इनमें कुछ लोगों के अमेरिकी हमलों और कुछ के ईरानी हमलों की चपेट में आने की बात कही गई है। कुवैत, कतर और यूएई में भी भारतीय नागरिकों के हताहत होने की खबरें सामने आई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीयों के अधिक प्रभावित होने के तीन प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:
- खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी कामगारों की मौजूदगी।
- समुद्री जहाजों पर भारतीय कर्मचारियों की बड़ी संख्या।
- संघर्ष का पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल जाना, जिससे कई देशों में जोखिम बढ़ गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल ने शुरुआती हमलों के बाद अपने नागरिकों को सुरक्षित बंकरों में पहुंचाया, जबकि अमेरिका ने भी पहले ही अपने कई नागरिकों को खाड़ी क्षेत्र से निकाल लिया था। इसके विपरीत, खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में काम कर रहे भारतीय नागरिक संघर्ष की चपेट में आए।
हालांकि, युद्ध में शामिल पक्षों का कहना है कि हताहत हुए विदेशी नागरिकों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि वे संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद थे और हमलों की चपेट में आ गए।

