जेवर एयरपोर्ट का नाम होगा नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। अब नाम परिवर्तन की आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एयरपोर्ट को बताया प्रदेश के विकास के लिए अहम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और प्रदेश के विकास के लिए उनके योगदान की सराहना की। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है।
पहले चरण में सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता
जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत तैयार किया गया है। इसके पहले चरण में एक रनवे और यात्री टर्मिनल बनाया गया है, जिसकी सालाना क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर लगभग 7 करोड़ यात्रियों सालाना करने की योजना है। इस एयरपोर्ट से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट में आठ अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने एयरपोर्ट के नामकरण के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इनमें औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में मॉडल भवन विनियम-2026 लागू करना, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीद नीति तय करना और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 को मंजूरी देना शामिल है।
इसके अलावा प्रदेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन स्थापित करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी देने तथा भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने मैनपुरी में शिकोहाबाद-भोगांव राज्य मार्ग को चार लेन बनाने के लिए संशोधित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति और उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।



