JPSC-JSSC भर्ती विवाद: रांची में छात्रों का आंदोलन तेज, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र की बिगड़ी तबीयत

झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसी दौरान अनशन कर रहे छात्र राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से अब तक बातचीत के लिए कोई औपचारिक पहल नहीं की गई है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
विपक्ष और सामाजिक संगठनों का मिला समर्थन
छात्र आंदोलन के समर्थन में राज्य के एनडीए विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई। वहीं, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का आमरण अनशन भी लगातार जारी है।
आंदोलन स्थल पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल नौकरी का नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और व्यवस्था पर विश्वास बहाल करने का है।
निष्पक्ष जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
आंदोलनकारी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने के साथ-साथ भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराने की मांग कर रहे हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से सबसे अधिक नुकसान युवाओं के भरोसे को हुआ है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन फिलहाल प्रदर्शनकारी अपने रुख पर कायम हैं।



