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Chhattisgarh

दुकान दिलाने के नाम पर 3.10 लाख रुपये लेने का आरोप, 2 लाख अब भी बकाया; महिला ने SDOP से की शिकायत

कुरुद। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद में दुकान दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 3 लाख 10 हजार रुपये लिए जाने का मामला सामने आया है। संजय नगर निवासी मीना चंद्राकर ने इस संबंध में एसडीओपी कुरुद को आवेदन देकर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष तपन चंद्राकर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि दुकान दिलाने के लिए रकम दी गई थी, लेकिन दुकान उपलब्ध नहीं कराई गई। शिकायत के मुताबिक, रकम में से 1 लाख 10 हजार रुपये वापस किए जा चुके हैं, जबकि 2 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं।

मीना चंद्राकर ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने की मांग की है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नगर पंचायत कॉम्प्लेक्स में दुकान दिलाने का दावा

शिकायत के अनुसार, 12 जून 2024 को नया बाजार स्थित नगर पंचायत कॉम्प्लेक्स में दुकान दिलाने की बात कही गई थी। मीना चंद्राकर का आरोप है कि दुकान मिलने की उम्मीद में उन्होंने परिवार से रकम की व्यवस्था की।

उनके आवेदन में बताया गया है कि रकम जुटाने के लिए उनके पति की एफडीआर तक तुड़वाई गई। इसके बाद कुल 3 लाख 10 हजार रुपये तपन चंद्राकर को दिए गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, यह रकम उनके भाई ललित चंद्राकर की मौजूदगी में दी गई थी।

मीना का कहना है कि रकम के लेन-देन के समय संबंधित दस्तावेज और फोटो भी लिए गए थे। हालांकि, पैसे दिए जाने के बाद भी उन्हें कथित तौर पर दुकान उपलब्ध नहीं कराई गई।

दुकान नहीं मिली तो रकम वापस मांगने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, जब दुकान उपलब्ध नहीं हुई तो मीना चंद्राकर ने अपनी रकम वापस करने की मांग की। आवेदन में दावा किया गया है कि रकम लौटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई।

मीना के अनुसार, जनवरी और मार्च 2026 में अलग-अलग किश्तों के जरिए कुल 1 लाख 10 हजार रुपये वापस किए गए। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद भी 2 लाख रुपये की राशि वापस नहीं की गई।

यही रकम अब विवाद का मुख्य बिंदु बताई जा रही है। महिला ने पुलिस से मांग की है कि रकम दिए जाने से लेकर वापस किए गए पैसे तक के पूरे लेन-देन की जांच की जाए और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तथ्य सामने लाए जाएं।

ललित चंद्राकर की मौजूदगी का भी शिकायत में उल्लेख

इस मामले में ललित चंद्राकर का नाम भी शिकायत में सामने आया है। मीना चंद्राकर के मुताबिक, जब तपन चंद्राकर को रकम दी गई थी, उस दौरान उनके भाई ललित चंद्राकर मौजूद थे।

मीना ने अपने आवेदन में तपन चंद्राकर की ओर से ललित चंद्राकर के खिलाफ की गई शिकायत का भी उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता ने तपन चंद्राकर की ओर से ललित के खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताया है।

उन्होंने पुलिस से दोनों पक्षों की ओर से सामने आए आरोपों और शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि रकम के लेन-देन के दौरान दस्तावेज, फोटो या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं तो उनकी जांच से विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

दस्तावेज और लेन-देन की जांच की मांग

मीना चंद्राकर ने पुलिस को दिए आवेदन में कथित रकम के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम दिए जाने के दौरान फोटो और दस्तावेज तैयार किए गए थे। इसके अलावा वापस की गई 1.10 लाख रुपये की राशि से संबंधित लेन-देन की भी जांच की जा सकती है।

ऐसे मामलों में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों, बैंक लेन-देन, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों के कथनों के आधार पर की जाती है। इसलिए फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों को अंतिम तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

इस पूरे मामले में अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। एसडीओपी कुरुद को दिए गए आवेदन में महिला ने मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस यदि शिकायत पर जांच आगे बढ़ाती है तो दुकान दिलाने को लेकर हुई बातचीत, रकम दिए जाने का दावा, 1 लाख 10 हजार रुपये की कथित वापसी और बाकी 2 लाख रुपये के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। साथ ही, रकम दिए जाने के समय मौजूद बताए जा रहे लोगों के बयान भी मामले की स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल मीना चंद्राकर की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस जांच में अब तक क्या निष्कर्ष सामने आया है। तपन चंद्राकर का इस शिकायत पर क्या पक्ष है, यह भी संबंधित पक्ष के बयान के बाद ही स्पष्ट होगा।

मामला पुलिस के समक्ष शिकायत के रूप में पहुंच चुका है। ऐसे में दुकान से जुड़े दावे, 3.10 लाख रुपये के कथित लेन-देन, 1.10 लाख रुपये की वापसी और 2 लाख रुपये के बकाया होने के आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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