यूपी-बिहार में बाढ़ से हाहाकार, 27 मौतें; 4 राज्यों से मानसून विदा

दिल्ली। उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश के बाद बाढ़ ने परेशानी बढ़ा दी है।
यूपी में बारिश थमने के बावजूद कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से हजारों घरों (MAUSAM) में पानी घुस गया है और करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। वहीं बिहार में बाढ़ से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 27 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
दूसरी ओर राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से मानसून पूरी तरह विदा हो चुका है। मानसून की विदाई के साथ राजस्थान में तापमान बढ़ने लगा है, जबकि मध्य प्रदेश समेत कुछ राज्यों में अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
लखनऊ में बाढ़, 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी
उत्तर प्रदेश में बारिश रुक गई है, लेकिन नदियों के जलस्तर में अभी कमी नहीं आई है। राज्य के 11 जिलों में 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है।
शहर के 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी पहुंच गया है। कई इलाकों में सड़कों और गलियों में पानी भरने के कारण आवाजाही प्रभावित है। कुछ स्थानों पर लोगों की मदद के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों से करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिहार में 27 मौतें, 20 से ज्यादा लोग लापता
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी में उफान और तटबंध टूटने के बाद राज्य के छह जिलों में करीब 466 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इससे करीब 8 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने करीब 92,730 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
बाढ़ से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 27 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। सारण जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से 12 लोगों की मौत हुई है।
वहीं सीवान में छह बच्चों की डूबने (MAUSAM) से जान चली गई। 20 से ज्यादा लोगों के लापता होने की भी जानकारी है। बाढ़ के कारण कई जगह सड़कें और संपर्क मार्ग टूट गए हैं। बेतिया में बाढ़ के पानी के दबाव से मुख्य सड़क का एक हिस्सा टूट गया।
बिहार सरकार के आंकड़ों के मुताबिक राज्य का करीब 68.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र यानी लगभग 73% हिस्सा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र माना गया है। राज्य के 38 में से 28 जिले बाढ़ की चपेट में आने वाले माने जाते हैं। सरकार हर साल बाढ़ नियंत्रण और इससे निपटने के कामों पर करीब 6,400 करोड़ रुपए खर्च करती है।
राजस्थान में मानसून की विदाई, पारा 41 डिग्री पार
राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून शनिवार को करीब तीन दिन की देरी से पूरी तरह विदा हो गया। मानसून के दौरान इस बार राज्य में सामान्य से करीब 22% कम बारिश हुई।
मानसून की विदाई के साथ ही कई इलाकों में तापमान बढ़ने लगा है। झुंझुनूं के पिलानी में शनिवार को दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।
आने वाले दिनों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने और दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में 100 दिन सक्रिय रहा मानसून
मध्य प्रदेश से भी शनिवार को मानसून की विदाई हो गई। इस बार प्रदेश में मानसून 24 जून को पहुंचा था और 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हुआ। यानी दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन प्रदेश में सक्रिय रहा।
हालांकि मानसून की विदाई के बावजूद अक्टूबर में मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा। 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
हिमाचल-उत्तराखंड से भी मानसून विदा
हिमाचल प्रदेश (MAUSAM) से भी 3 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में मानसून की सामान्य विदाई की तारीख 25 सितंबर है। इस बार मानसून करीब आठ दिन की देरी से विदा हुआ।
उत्तराखंड से भी शनिवार को मानसून की विदाई हो गई। हालांकि 5 अक्टूबर से पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने की संभावना है। 6 और 7 अक्टूबर को कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। वहीं झारखंड में 5 अक्टूबर से बादल छाने और कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है।
इस तरह देश में एक ओर कई राज्यों से मानसून की विदाई हो रही है, वहीं यूपी और बिहार में बाढ़ का असर अभी बना हुआ है। आने वाले दिनों में मौसम का यह बदलाव तापमान, बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर असर डाल सकता है।



