केदारनाथ में बर्फबारी, पारा -8°C पहुंचा; MP के 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

दिल्ली। देश के कई राज्यों में मौसम (MAUSAM) का मिजाज बदल गया है। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
कड़ाके की ठंड के कारण पानी की पाइपलाइन जमने से लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, मध्य प्रदेश में एक बार फिर आंधी-बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में गुरुवार सुबह परसाला रेलवे स्टेशन के पास भूस्खलन हो गया। इसकी चपेट में आने से बिलासपुर-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस का इंजन पटरी से उतर गया। तमिलनाडु के मदुरै में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भरने की तस्वीरें सामने आई हैं।
इस बीच उत्तर भारत में सुबह और रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ने लगी है। हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से 24 और 25 अक्टूबर को बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में भी अगले कुछ दिनों में मौसम बदल सकता है।
उत्तराखंड: ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार
केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। गुरुवार सुबह यहां तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। ठंड का असर पानी की पाइपलाइन पर भी पड़ा है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश होने की संभावना है। 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
भारतीय मौसम विभाग के चारधाम पूर्वानुमान में केदारनाथ मार्ग के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है।
मौसम में बदलाव के कारण तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है। पर्यटकों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
मध्य प्रदेश: इंदौर समेत 11 जिलों में अलर्ट
मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इंदौर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन समेत 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
अगले दो दिनों में इंदौर संभाग और नर्मदापुरम क्षेत्र में भी बारिश होने के आसार हैं। 24 अक्टूबर से नए मौसम तंत्र का असर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दिखाई दे सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23 अक्टूबर तक बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
बारिश के कारण खेतों में रखी फसलों और खुले में रखी कृषि उपज को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को मौसम का पूर्वानुमान देखकर फसल की सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए।
पंजाब-चंडीगढ़: 24 और 25 अक्टूबर को बारिश की संभावना
पंजाब और चंडीगढ़ में गुरुवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 24 और 25 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
हरियाणा: सुबह-रात में बढ़ने लगी ठंड
हरियाणा में दिन के समय गर्मी बनी हुई है, जबकि सुबह और रात में तापमान गिरने से ठंड महसूस होने लगी है। 24 अक्टूबर से प्रदेश के चार जिलों में बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
राजस्थान: बारिश के बाद रात में बढ़ी सर्दी
राजस्थान में बारिश और आंधी के दौर के बाद रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को राज्य के 17 शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
हालांकि, दिन के समय गर्मी बनी हुई है और कुछ शहरों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है। 24 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इससे मौसम में फिर बदलाव हो सकता है।
भारत: केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश का खतरा
दक्षिण भारत में बारिश का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। केरल के तिरुवनंतपुरम में गुरुवार सुबह परसाला रेलवे स्टेशन के पास भूस्खलन हुआ। इसकी वजह से बिलासपुर-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस का इंजन पटरी से उतर गया।
हादसे के दौरान इलाके में बारिश हो रही थी। इससे पहले मौसम विभाग ने तिरुवनंतपुरम में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था।
तमिलनाडु के मदुरै में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 22 से 26 अक्टूबर तक कई जगह भारी बारिश हो सकती है।
केरल और माहे में भी 26 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और तापमान (MAUSAM) में गिरावट का असर दिखाई दे रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ रही है, जबकि मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत में बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
आंधी के दौरान लोगों को पेड़ों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए। बारिश वाले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।



