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बिलासपुर के शीशम परिक्षेत्र में अवैध मुरूम खनन के आरोप

जेसीबी और पोकलेन मशीनों से मुरूम उत्खनन का ग्रामीणों का दावा

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के चोरभट्टी खुर्द स्थित शीशम परिक्षेत्र में कथित अवैध(Illegal) मुरूम खनन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मुरूम का उत्खनन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस दौरान बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे वन संपदा और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से संयुक्त जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रात के अंधेरे में जंगल क्षेत्र में अवैध खनन होने का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, खनन का काम रोजाना देर रात करीब 10 बजे के बाद शुरू होता है। उनका दावा है कि जेसीबी और पोकलेन जैसी भारी मशीनों की मदद से पूरी रात मुरूम निकाली जाती है और सुबह होने से पहले मशीनों को दूसरी जगहों पर हटा दिया जाता है, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा काम सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।

अनुमति वाले क्षेत्र से बाहर खनन किए जाने की शिकायत

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि जिस क्षेत्र के लिए खनन की अनुमति ली गई है, उत्खनन उससे अलग स्थान पर किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे न केवल वन क्षेत्र को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि शासन को राजस्व हानि होने की भी आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे उत्खनन के कारण जंगल का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और हरियाली समाप्त होती जा रही है।

ग्रामीणों का दावा है कि अब तक लाखों रुपये मूल्य की मुरूम अवैध(Illegal) रूप से निकाली जा चुकी है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। यही वजह है कि अब ग्रामीण संयुक्त रूप से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध(Illegal) खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में वन क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हो सकती है। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। लोगों का मानना है कि लगातार पेड़ों की कटाई और भारी मशीनों के इस्तेमाल से क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

शिकायतों के बाद खनिज विभाग को भेजा गया पत्र

मामले में संबंधित अधिकारी ने भी स्वीकार किया है कि शीशम परिक्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में खनिज विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। हालांकि अभी तक खनिज विभाग की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल ग्रामीण प्रशासन और संबंधित विभागों से संयुक्त जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि मौके पर निरीक्षण कराया जाए तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और खनिज विभाग शिकायतों के आधार पर क्या कदम उठाते हैं और अवैध खनन के आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

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