नकटी तोड़फोड़ मामले पर सांसद बृजमोहन ने प्रशासन को घेरा, बोले- सरकार की छवि को हुआ नुकसान

नकटी गांव में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों और प्रशासन के बीच उनके माध्यम से लगातार बातचीत चल रही थी, इसके बावजूद कार्रवाई कर दी गई, जिससे अनावश्यक विवाद पैदा हुआ।
सांसद ने कहा कि नकटी गांव के लोग पिछले तीन वर्षों से अपनी समस्या लेकर उनके पास आ रहे थे। उन्होंने बताया कि विधायकों के आवास निर्माण की योजना के दौरान भी उनकी कोशिश रही कि गांव के लोगों को बिना विस्थापित किए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इस संबंध में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच लगातार संवाद जारी था।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई से दो दिन पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें बरसात के मौसम को देखते हुए फिलहाल किसी भी तरह की कार्रवाई टालने और समाधान निकालने की बात कही गई थी। इसके बावजूद उनके दिल्ली रवाना होने के बाद तड़के प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी।
बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी खुद को अधिक सक्रिय और प्रभावशाली दिखाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की वजह से लोगों की जान-माल और संपत्ति को नुकसान पहुंचा तथा गरीब परिवारों को बेघर होना पड़ा, उनके खिलाफ शासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। उनके अनुसार विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति करने का अवसर मिल गया है।
सांसद ने कहा कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और बसाहट की प्रक्रिया में वह हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों के घर टूटे हैं, उनके हितों की रक्षा के लिए वह आगे भी प्रयास जारी रखेंगे।
बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले को पार्टी के उचित मंच पर भी उठाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह नकटी गांव जाकर प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेंगे।

