1 जुलाई से लागू हुए नए नियम, आधार, पासपोर्ट, बैंकिंग और गैस समेत कई सेवाओं में बड़े बदलाव

देशभर में 1 जुलाई से कई महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की सेवाओं पर पड़ेगा। नए नियमों में आधार अपडेट, पासपोर्ट शुल्क, आयकर रिटर्न, बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, रेलवे, गैस सिलेंडर और ईपीएफओ सेवाओं से जुड़े बदलाव शामिल हैं।
अब आधार मोबाइल एप के जरिए ईमेल अपडेट कराने पर 31 दिसंबर 2026 तक कोई शुल्क नहीं लगेगा। वहीं, पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई है। 36 पृष्ठ वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है, जबकि तत्काल सेवा का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा 31 जुलाई 2026 तक बिना जुर्माने के आयकर रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री (मिस-सेलिंग) पर सख्ती करते हुए नए नियम लागू किए हैं। अब गलत जानकारी देकर बेचे गए बैंकिंग, बीमा या निवेश उत्पादों से नुकसान होने पर ग्राहकों को मुआवजा या पूरा रिफंड मिल सकेगा। वहीं, कुछ बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट और एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए हैं।
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। दूसरी ओर, ट्रेनों में खतरनाक सामान ले जाने और बिना अनुमति सामान बेचने पर जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है।
एलपीजी और पीएनजी उपभोक्ताओं से जुड़े नियमों में भी बदलाव प्रभावी हुए हैं। इसके साथ ही 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कमी की गई है। वहीं, एक निजी ईंधन कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है।
इंप्लॉईज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (ईपीएफओ) की ऑनलाइन सेवाएं रखरखाव कार्य के कारण 1 जुलाई की रात तक बंद रहेंगी। विभाग के अनुसार, ऑनलाइन क्लेम, पासबुक डाउनलोड और अन्य डिजिटल सेवाएं 2 जुलाई से दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी नई योजना भी 1 जुलाई से लागू कर दी गई है, जिसके तहत मजदूरी और रोजगार से जुड़े नए प्रावधान प्रभावी हो गए हैं।

