फ्लाईदुबई के घायल कैप्टन का पुराना वीडियो वायरल, बोले थे- हवा में कुछ हो जाए तो कौन बचाएगा?

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में पायलटों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार का करीब एक साल पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस बातचीत में उन्होंने विमान में मेडिकल आपात स्थिति आने पर यात्रियों और क्रू की भूमिका के बारे में बताया था। मौजूदा घटना के बाद उनका यह वीडियो दोबारा सामने आया है।
फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान पायलटों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर हमला किया और विमान को खतरे में डालने की कोशिश की। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा था। यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने हस्तक्षेप कर हमलावर को काबू किया, जिसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया।
पुराने इंटरव्यू में मछार ने बताई थी आपात स्थिति की तैयारी
वायरल वीडियो में स्मित मछार ने बताया था कि उड़ान के दौरान किसी यात्री को मेडिकल आपात स्थिति होने पर मदद कैसे की जाती है। उन्होंने कहा था कि अगर विमान में कोई डॉक्टर मौजूद हो तो यह काफी मददगार होता है, लेकिन फ्लाइट क्रू भी आपात स्थिति में जरूरी सहायता देने के लिए प्रशिक्षित होता है।
उन्होंने यह भी बताया था कि विमान में किसी आपात स्थिति के दौरान क्रू की प्रतिक्रिया और मदद करने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। यह बातचीत उनके विमानन करियर और नए पायलटों को मार्गदर्शन देने से जुड़े अनुभवों पर केंद्रित थी।
गुजरात से ताल्लुक रखते हैं कैप्टन स्मित मछार
स्मित मछार मूल रूप से गुजरात से हैं। वह जून 2022 में डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के तौर पर फ्लाईदुबई से जुड़े थे। इससे पहले उन्होंने करीब 11 साल तक स्पाइसजेट में काम किया था। उन्होंने जून 2011 में स्पाइसजेट से अपने करियर की शुरुआत की थी और 2022 तक वहां सेवाएं दीं।
उड़ान के दौरान हुई घटना के बाद विमान को तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में कैप्टन मछार घायल हुए थे और यात्रियों तथा क्रू के हस्तक्षेप से विमान को सुरक्षित स्थिति में लाया गया।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन की बहादुरी का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना के बाद कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मछार ने मुश्किल हालात में साहस दिखाया और दूसरों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।



