स्मृति ईरानी के रायपुर पहुंचते ही भाजपा कार्यालय से हटाई गई पुलिस, सादगी से हुआ स्वागत; 2 दिन में होंगी 12 बैठकें

छत्तीसगढ़ भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी रविवार को दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत सादगी से किया गया। संगठन की ओर से नामित 16 पदाधिकारी और विधायक स्वागत के लिए पहुंचे। इस दौरान न तो ढोल-ताशे बजाए गए और न ही किसी मंत्री को बुलाया गया। स्वागत के लिए प्रस्तावित भारतीय जनता युवा मोर्चा की बाइक रैली भी स्थगित कर दी गई।
एयरपोर्ट से स्मृति ईरानी भाजपा के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचीं। यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे। उनके निर्देश पर कार्यालय परिसर के भीतर से पुलिस सुरक्षा हटाई गई। इस दौरान भाजपा नेता पुलिसकर्मियों को बाहर जाने के लिए समझाते नजर आए।
कार्यकर्ता को सेल्फी लेने से रोका
भाजपा कार्यालय में एक महिला कार्यकर्ता स्मृति ईरानी के साथ सेल्फी लेना चाह रही थीं। इस पर स्मृति ईरानी ने प्यार से उनके सिर पर हाथ रखा और सेल्फी लेने से मना कर दिया। उनके साथ प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी रायपुर पहुंचे हैं।
पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने सादगी से स्वागत किए जाने पर कहा कि वीआईपी कल्चर स्थायी नहीं होता, कार्यकर्ता स्थायी होता है। वहीं सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि स्मृति ईरानी का अनुभव प्रदेश के लिए उपयोगी साबित होगा।
संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ होंगी 12 बैठकें
स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश भाजपा कार्यालय में संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कुल 12 बैठकों में शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि इन बैठकों में संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
बैठकों में मंत्रियों के विभागीय कामकाज, सरकार की योजनाओं की प्रगति और संगठन की जमीनी स्थिति की समीक्षा किए जाने की संभावना है। पार्टी के सामने 2023 के विधानसभा चुनाव में हारी गई 36 सीटों पर संगठन को मजबूत करने की चुनौती भी रहेगी।
बूथ स्तर की सक्रियता और मंत्रियों के कामकाज पर नजर
दौरे के दौरान मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों, लंबित योजनाओं और कामकाज की जानकारी ली जा सकती है। इसके साथ ही प्रभार वाले जिलों में उनकी सक्रियता, कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल और जनता की समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा होने की संभावना है।
पार्टी संगठन बूथ समितियों और पन्ना प्रमुखों की भूमिका की समीक्षा कर आगामी चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की रणनीति तैयार कर सकता है। हालांकि, दौरे के दौरान मंत्रिमंडल में फेरबदल या किसी नेता को नई जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।



