राहुल गांधी ने कांग्रेस की तिकड़ी को बताया नए दौर के अशफाक-बिस्मिल-भगत सिंह

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ जंतर-मंतर तक मार्च करने की कोशिश की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसद विरोध प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन दिल्ली के अशोक रोड पर सुरक्षा व्यवस्था के चलते उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
तीन सांसदों की तुलना स्वतंत्रता सेनानियों से की
बस पर सवार राहुल गांधी ने कांग्रेस के सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, दीपेंद्र हुड्डा और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का जिक्र करते हुए उनकी तुलना अशफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल और भगत सिंह से की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे, जबकि ये नेता आज वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने INDIA गठबंधन के सांसदों का भी आभार जताया और कहा कि सरकार प्रदर्शन या बैठक रोक सकती है, लेकिन लोगों की इच्छाशक्ति को नहीं रोक सकती।
जंतर-मंतर पहुंचने से पहले रोका गया मार्च
विपक्षी सांसदों ने पहले एक रेस्टोरेंट में आयोजित लंच बैठक में हिस्सा लिया। इसके बाद सभी ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की योजना बनाई। हालांकि, प्रदर्शन स्थल से करीब एक किलोमीटर पहले अशोक रोड पर पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर नेताओं को रोक दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस के साथ तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, आरजेडी, आईयूएमएल और अन्य दलों के सांसद भी शामिल रहे।
करीब तीन घंटे तक चला विरोध और हिरासत का दौर
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। प्रियंका गांधी अन्य महिला नेताओं के साथ सड़क पर बैठीं और हाथ में संविधान की प्रति लेकर विरोध जताया। वहीं, राहुल गांधी ने पुलिस की ओर से उन्हें हिरासत में लेने के लिए वाहन में बैठाने की कोशिश का विरोध किया।
विपक्षी दल लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में वोटों से जुड़ी अनियमितताएं हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार का प्रदर्शन किया गया, जिसके दौरान राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।



